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2026-04-16 04:19
कुशीनगर में कस्तूरबा विद्यालय के हॉस्टल से लापता हुई छात्रा:बीएसए ऑफिस से कर्मचारी पहुंचे, दो घंटे में ढूंढा; परिजनों को सौंपा
कुशीनगर के विशुनपुरा थाना क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय से मंगलवार रात एक 12 वर्षीय छात्रा अचानक लापता हो गई। छात्रा रात करीब 8 बजे हॉस्टल से बिना बताए बाहर निकल गई थी, जिससे विद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। घोरठ गांव की रहने वाली यह छात्रा हाल ही में कक्षा 6 में दाखिल हुई थी। सूचना मिलते ही विद्यालय प्रशासन ने तत्काल खोजबीन शुरू की और बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय के कर्मचारियों को भी सूचित किया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों और स्टाफ ने छात्रा की तलाश की। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद रात 10 बजे के बाद छात्रा विद्यालय के पास ही सुरक्षित मिल गई। बताया जा रहा है कि वह घर जाने की जिद में हॉस्टल से निकली थी। छात्रा के सुरक्षित मिलने पर सभी ने राहत की सांस ली। छात्रा के पिता ने बताया कि उन्होंने एक सप्ताह पहले ही अपनी दो बेटियों का इस विद्यालय में दाखिला कराया था। सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे, जहां बच्ची घर जाने की जिद पर अड़ी रही। छात्रा को उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। इस पूरे मामले में पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई, जिसे एक बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। बीएसए कार्यालय से पहुंचे कर्मचारी ने बताया कि बच्ची के लापता होने की सूचना पर वे मौके पर आए थे और खोजबीन के बाद छात्रा सुरक्षित मिल गई। इस घटना ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात्रि में हॉस्टल से छात्रा का इस तरह निकल जाना और बिना पुलिस को सूचना दिए दो घंटे तक उसकी तलाश करना चिंताजनक है। यदि इस दौरान कोई अनहोनी हो जाती, तो जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो सकता था।
2026-04-16 04:18
पीएमसीएच के नए भवन में रेडियोलॉजी विभाग अधूरा:AERB मंजूरी, टेक्नीशियन कमी से MRI-CT स्कैन सेवाएं अटकीं, 150 मीटर दूर पुरानी बिल्डिंग में जाना पड़ता
पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) के नए भवन में रेडियोलॉजी विभाग अभी तक पूरी तरह से चालू नहीं हो पाया है। इसके कारण दूर-दराज से आने वाले मरीजों को एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी आवश्यक जांचों के लिए 150 मीटर पुराने भवन या इमरजेंसी ब्लॉक तक जाना पड़ रहा है। पीएमसीएच के पुनर्निर्माण परियोजना के तहत कई विभाग नए भवन में स्थानांतरित हो चुके हैं। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि यहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर इलाज व्यवस्था है। हालांकि, अस्पताल की रीढ़ माने जाने वाले रेडियोलॉजी विभाग में 2 एमआरआई और 1 सीटी स्कैन मशीन स्थापित होने के बावजूद वे अभी तक उपयोग में नहीं लाई जा सकी हैं। इन मशीनों को चालू करने में सबसे बड़ी बाधा एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (AERB) की मंजूरी है। सीटी स्कैन और अन्य रेडिएशन-आधारित उपकरणों के संचालन के लिए AERB की अनुमति अनिवार्य होती है, जो अभी तक नहीं मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार, सुरक्षा मानकों के कारण इस मंजूरी के बिना उपकरणों का संचालन संभव नहीं है। इसके अलावा, रेडियोलॉजी विभाग को पूरी क्षमता से चलाने के लिए 60 से अधिक प्रशिक्षित टेक्नीशियन की आवश्यकता है। इन पदों पर अभी तक बहाली नहीं हो पाई है, जिससे विभाग के पूर्ण संचालन में देरी हो रही है। मरीजों की बढ़ी परेशानी रेडियोलॉजी विभाग के पूरी तरह शुरू न होने का सबसे ज्यादा असर गंभीर मरीजों पर पड़ रहा है। नए भवन में भर्ती मरीजों को जांच के लिए ट्रॉली या स्ट्रेचर के जरिए पुराने रेडियोलॉजी विभाग तक ले जाना पड़ता है, जो काफी दूरी पर स्थित है। इस प्रक्रिया में समय की बर्बादी होती है, जिससे इलाज में देरी होती है। कई मामलों में मरीजों की स्थिति गंभीर होने के कारण यह जोखिम भरा भी साबित हो सकता है। परिजनों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। एकीकृत सुविधा का अधूरा सपना नए रेडियोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक सुविधाओं की योजना बनाई गई है, जिसमें 4 एमआरआई मशीन (दो 1.5 टेसला और दो 3 टेसला), दो सीटी स्कैन, 7 अल्ट्रासाउंड मशीन और 3 एक्स-रे मशीन शामिल हैं। यदि यह विभाग पूरी तरह शुरू हो जाता है, तो मरीजों को एक ही ब्लॉक में सभी जांच सुविधाएं मिलेंगी। इससे समय की बचत होगी और इलाज की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकेगी। फिलहाल यह सपना अधूरा नजर आ रहा है। आधुनिक हेल्थ सिस्टम की ओर बढ़ता पीएमसीएच पीएमसीएच का नया भवन सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक इंटीग्रेटेड हेल्थ-केयर सिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें मल्टी-डिसिप्लिनरी इमरजेंसी, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, ट्रॉमा केयर यूनिट और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। अब तक मेडिसिन इमरजेंसी (60 बेड), ईएनटी विभाग की इनडोर सेवाएं और ऑपरेशन थिएटर, स्किन-वीडी विभाग की आंशिक शिफ्टिंग और डॉक्टरों के चैंबर नए भवन में स्थानांतरित किए जा चुके हैं। सेवाओं का हो रहा एकीकरण अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अगले चरण में सर्जरी इमरजेंसी, ट्रॉमा सेवाएं, ओपीडी और डायग्नोस्टिक सेवाओं का पूर्ण एकीकरण किया जाएगा। रेडियोलॉजी विभाग को भी जल्द पूरी तरह चालू करने का प्रयास जारी है। पीएमसीएच का नया भवन स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखता है, लेकिन जब तक रेडियोलॉजी जैसी बुनियादी और जरूरी सेवाएं पूरी तरह शुरू नहीं होतीं, तब तक इसका लाभ मरीजों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाएगा।
2026-04-16 04:18
IDFC बैंक फ्रॉड-HPGCL के फाइनेंस डायरेक्टर को बेल:बेटे की शादी के लिए अंतरिम राहत, पासपोर्ट जमा करवाने की शर्त्त लगाई
590 करोड़ रुपये के IDFC बैंक घोटाले में आरोपति हरियाणा पावर जेनरेशन कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के डायरेक्टर फाइनेंस अमित दीवान को बेटे की शादी में शामिल होने के लिए कोर्ट ने 10 दिन की अंतरिम जमानत प्रदान की है। आरोपी ने 19 दिन की अंतरिम बेल के लिए कोर्ट में याचिका लगाई थी। पंचकूला कोर्ट में याचिका पर सुनवाई के दौरान फैसला सुनाते हुए आदेश दिए कि उसे पहले कोर्ट में अपना पासपोर्ट जमा करवाना होगा तथा 5 लाख के बेल बॉन्ड भी सबमिट करने होगी। जो उनके वकील के द्वारा सभी फार्मलिटी पूरी कर दी गई हैं। मसूरी में JW मैरिएट होटल में शादी अंतरिम जमानत अर्जी में आरोपित ने बताया कि उसके बेटे अर्नव दीवान की शादी 19 अप्रैल 2026 को निर्धारित है। शादी से जुड़े कार्यक्रम 14 अप्रैल से 24 अप्रैल तक चलेंगे। परिवार के अनुसार, शादी के अधिकांश कार्यक्रम मसूरी के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में आयोजित किए जाने हैं, जिनकी बुकिंग पहले ही की जा चुकी है और ये नॉन-रिफंडेबल हैं। अर्जी में यह भी कहा गया है कि परिवार में शादी की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए अमित दीवान ही एकमात्र पुरुष सदस्य हैं। उनके पिता 84 वर्ष के हैं और अन्य कोई व्यक्ति व्यवस्थाएं संभालने में सक्षम नहीं है। आरोपित ने अदालत को आश्वासन दिया है कि यदि उसे अंतरिम जमानत दी जाती है तो वह सभी शर्तों का पालन करेगा और निर्धारित अवधि पूरी होने पर स्वयं को सरेंडर कर देगा। फिलहाल, अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई 6 अप्रैल को तय की है। अंबाला सेंट्रल जेल में बंद है दीवान अमित दीवान इस समय अंबाला सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। उन्हें 18 मार्च को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गिरफ्तार किया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। जांच एजेंसी के अनुसार, दीवान पर आरोप है कि उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में गलत मंशा से दो बैंक खाते खुलवाए और मुख्य आरोपित रिभव ऋषि के साथ मिलीभगत कर घोटाले को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाई। मास्टरमाइंड रिभव ऋषि से पुराना संपर्क जांच में यह भी सामने आया है कि इस कथित घोटाले के बदले उन्होंने भारी अवैध धनराशि (घूस) प्राप्त की। एसीबी को रिमांड के दौरान कई अहम सुराग मिले हैं और कुछ अन्य सरकारी अधिकारियों के नाम भी जांच के दायरे में आए हैं। पंचकूला ACB अधिकारियों के अनुसार आरोपी अमित दीवान लंबे समय से मास्टरमाइंड, विशेष रूप से रिभव ऋषि के साथ मिलीभगत कर कथित अपराधों के निष्पादन में सक्रिय रूप से सहायता की। इसके लिए उसने भारी मात्रा में अवैध लाभ/रिश्वत भी स्वीकार की, जिसकी पुष्टि जब्त सामग्री एवं गवाहों के बयानों से होती है।
2026-04-16 04:15
वाराणसी में PWD तोड़ रहा 100 मकान:सड़क को 6 लेन किया जा रहा, सांसद चंद्रशेखर ने CM योगी को लिखा था पत्र
वाराणसी के लहरतारा-बौलिया इलाके में PWD ने गुरुवार सुबह से ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। साल 2025 से रुकी 6 लेन सड़क बनाने में रोड़ा बने 100 मकानों को पीडब्ल्यूडी ने साल भर पहले नोटिस दी थी। कहा था कि यह जंगल भूमि है। आज इस पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई है। मकान एक-एक करके तोड़े जा रहे हैं। 2 तस्वीरें देखिए... अब जानिए पूरा मामला वाराणसी की सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। इसी फेहरिस्त में मोहनसराय बाईपास से मुगलसराय तक 31 Km लंबी 6 लेन की रोड भी शामिल है। मोहनसराय बाईपास से बौलिया तिराहा तक यह रोड बन भी चुकी है। इसके बाद ये रोड वाराणसी शहर के अंदर दाखिल हो रही है। यहां कैंट स्टेशन, राजघाट, पड़ाव चौराहा होते हुए सड़क मुगलसराय तक जानी है। इस सड़क को बनाने के लिए स्टेट गर्वमेंट ने 197.40 करोड़ दिए हैं। बौलिया तिराहा के आगे रोड का कंस्ट्रक्शन साल 2025 के जनवरी माह से रुका हुआ है। यहां सड़क आबादी के बीच से गुजर रही है, इसलिए सर्वे करने के बाद PWD ने 100 घरों पर लाल निशान लगाकर खुद ही अपने घर के कंस्ट्रक्शन तोड़ने का नोटिस लगा दिए हैं। यहां अनाउंसमेंट जुलाई 2025 से कराए जा रहे हैं। जिसके बाद नगीना से सांसद चंद्रशेखर रावण ने सीएम योगी आदित्यनाथ को 29 जुलाई को एक पत्र लिखकर इस कार्रवाई पर रोक की मांग की थी।
2026-04-16 04:12
अमृतसर में बॉर्डर पार मॉड्यूल का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार:पिस्तौल और 4-हैंड ग्रेनेड बरामद; चंडीगढ़ ब्लास्ट से तार जुड़ने की आशंका
पंजाब में काउंटर इंटेलिजेंस विंग और एसएसओसी की टीमों ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए बॉर्डर पार से जुड़े एक संदिग्ध मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। यह संयुक्त ऑपरेशन एसएसओसी अमृतसर और एसएसओसी मोहाली द्वारा मिलकर चलाया गया, जिसमें एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किया गया व्यक्ति विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में था और उसे बाहर बैठे लोगों द्वारा निर्देश दिए जा रहे थे। पुलिस के अनुसार, इस मॉड्यूल के तार उस ग्रेनेड हमले से भी जुड़े हो सकते हैं जो हाल ही में चंडीगढ़ में हुआ था। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत जांच अभी जारी है। हथियारों और ग्रेनेड की बड़ी बरामदगी पंजाब DGP गौरव यादव ने अपने X हैडल पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि आरोपी के कब्जे से चार हैंड ग्रेनेड, दो विदेशी निर्मित पिस्तौल और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। यह बरामदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इससे संभावित बड़े आतंकी नेटवर्क की गतिविधियों का संकेत मिलता है। FIR दर्ज, पूरे नेटवर्क की जांच जारी इस मामले में थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने, उन्हें ट्रैक करने और गिरफ्तार करने के लिए आगे की जांच में जुटी हुई है। पंजाब पुलिस ने कहा है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और संगठित अपराध तथा आतंकवादी गतिविधियों को समाप्त करना उनकी प्राथमिकता है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
2026-04-16 04:11
कन्नौज में काऊ मिल्क प्लांट का संचालन करेगी मदर डेयरी:30 अप्रैल तक होगी टेस्टिंग, DM-SP ने किया निरीक्षण
कन्नौज के उमर्दा स्थित काऊ मिल्क प्लांट का संचालन अब पराग डेयरी की बजाय मदर डेयरी द्वारा किया जाएगा। ये जानकारी डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने काऊ मिल्क प्लांट के निरीक्षण के वक्त कही। उन्होंने सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल का भी निरीक्षण किया। काऊ मिल्क प्लांट के निरीक्षण के दौरान डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि अब इस प्लांट का संचालन मदर डेयरी द्वारा किया जाएगा, जोकि पहले पराग डेयरी के अधीन था। यहां उन्होंने कंट्रोल रूम, मिल्क एवं घी पैकेजिंग कक्ष, पनीर अनुभाग, एमसीसी रूम, बटर सेक्शन और बॉयलर कक्ष सहित सभी इकाइयों का निरीक्षण किया। 30 अप्रैल तक यहां टेस्टिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद प्लांट का नियमित संचालन शुरू होगा। डीएम ने निर्देश दिए कि टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी तरह मानक अनुरूप, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ हो। इससे संचालन शुरू होते ही गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह प्लांट जनपद के दुग्ध उत्पादकों, उपभोक्ताओं और स्थानीय रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मिर्च, बैंगन और टमाटर की रोपित फसलों को देखा। उन्होंने हाईटेक नर्सरी में तैयार हो रही टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी आदि की पौधों का भी निरीक्षण किया। यहां उच्च गुणवत्ता वाले बीजों से उन्नत पौध तैयार कर निर्धारित शुल्क पर किसानों को उपलब्ध कराई जाती है, जिससे किसान कम लागत में अधिक उत्पादन और मुनाफा मिल सके। जिलाधिकारी ने बीज उत्पादन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकांश किसान बाजार से बीज पर निर्भर रहते हैं, इसलिए स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण बीज और पौध की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार भी साथ रहे।
2026-04-16 04:06
अंबेडकर मूर्ति विवाद में अफवाह फैलाने वालों पर केस:लखीमपुर में फेक पोस्ट डालने वालों पर कार्रवाई, पुलिस ने दी चेतावानी
लखीमपुर खीरी में थाना मैलानी क्षेत्र के बांकेगंज में 14 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर हुई घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में दो अलग-अलग सोशल मीडिया यूजर्स के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों ने बिना अनुमति और सूचना के बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास किया था। इसी वर्ग के अन्य लोगों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में आपसी विवाद हो गया। विवाद के दौरान एक महिला के साथ मारपीट हुई, जिसे मौके पर पहुंची पुलिस ने सुरक्षित बचाया। इस झड़प में प्रतिमा खंडित हो गई, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित कर लिया। कुछ अराजक तत्वों ने पथराव का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें तुरंत खदेड़ दिया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर शुरू हो गया। ट्विटर हैंडल @Pushkar Sudhakar (डॉ. सुधाकर पुष्कर) द्वारा एक पोस्ट में दावा किया गया कि पुलिस और महिलाओं के बीच टकराव में एक महिला की मृत्यु हो गई है। पुलिस जांच में यह सूचना पूरी तरह झूठी और भ्रामक पाई गई। संबंधित महिला पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है। इस मामले में थाना मैलानी पर मुकदमा संख्या 84/2026 धारा 353(2), 196, 299 बीएनएस व 67 आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। इसी प्रकार, फेसबुक यूजर रामभरोसे लाल गौतम ने भी पोस्ट कर दावा किया कि पुलिस लाठीचार्ज में एक महिला की मौत हो गई, कई लोग घायल हुए और क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है। पुलिस जांच में यह दावा भी असत्य और अफवाहपूर्ण निकला। इस पर थाना मैलानी में मुकदमा संख्या 85/2026 उन्हीं धाराओं में दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। खीरी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक या अप्रमाणित सूचना पर ध्यान न दें और बिना पुष्टि के उसे साझा न करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
2026-04-16 04:05
बाल विवाह-प्रिंटिंग प्रेस से लेकर हलवाई तक सबकी जिम्मेदारी:'अबूझ सावों' को लेकर होगी स्पेशल मॉनिटरिंग; 24 घंटे एक्टिव रहेगा कंट्रोल रूम
जैसलमेर में अक्षय तृतीया और पीपल पूर्णिमा पर होने वाले संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए प्रशासन ने फुलप्रूफ प्लानिंग कर ली है। एडीएम परसा राम ने सख्त निर्देश दिए हैं कि इस बार ग्राउंड लेवल पर तैनात पटवारी से लेकर पुलिस अधिकारियों तक की एकाउंटेबिलिटी तय होगी। यदि कहीं भी नियमों की अनदेखी हुई, तो अधिकारियों पर डिसीप्लिनरी एक्शन लिया जाएगा। प्रशासन ने प्रिंटिंग प्रेस वालों को शादी के कार्ड पर वर-वधू की बर्थ डेट छापना अनिवार्य कर दिया है। साथ ही, लोगों से अपील की है कि बाल विवाह की सूचना तुरंत 1098 या पुलिस को दें। प्रिंटिंग प्रेस से लेकर हलवाई तक सबकी जिम्मेदारी प्रशासन ने इस बार बाल विवाह से जुड़े हर सपोर्ट सिस्टम पर नजर रखने का प्लान बनाया है। अब प्रिंटिंग प्रेस वालों को शादी के कार्ड छापने से पहले दूल्हा-दुल्हन का एज प्रूफ अपने पास रखना होगा या कार्ड पर उनकी जन्म तारीख छापनी होगी। हलवाई, बैंड-बाजा, पंडित, टेंट हाउस और ट्रांसपोर्टर्स को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे बाल विवाह में अपनी सर्विस न दें। उनसे इस बात का एश्योरेंस भी लिया जाएगा। अधिकारियों पर गिरेगी गाज अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम सैनी ने बताया- जिस क्षेत्र में बाल विवाह होगा, वहां के SDM और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। लापरवाही मिलने पर उनके खिलाफ डिसीप्लिनरी एक्शन लिया जाएगा। 24 घंटे एक्टिव रहेंगे कंट्रोल रूम बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक हिम्मत सिंह कविया ने बताया कि जिले में बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। जिला और ब्लॉक लेवल पर 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। स्कूल, कॉलेज और गांवों की 'रात्रि चौपालों' में अवेयरनेस कैंपेन चलाकर लोगों को समझाया जाएगा कि बाल विवाह न केवल कानूनन जुर्म है, बल्कि यह बच्चों के फ्यूचर के लिए भी खतरनाक है। कंट्रोल रूम में जानकारी दें-पहचान गुप्त रखी जाएगी ADM सैनी ने लोगों से अपील करते हुए कहा- 'अगर आपको कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना मिलती है, तो आप तुरंत इन कंट्रोल रूम नंबर्स पर कॉल कर सकते हैं। आपकी पहचान गुप्त रखी जा सकती है:
2026-04-16 03:59
वेबसीरीज के एक्शन सीन में तेज दौड़ रहा ट्रक पलटा:बिशनगढ़ गांव में हुई दहाड़-2 की शूटिंग, सोनाक्षी सिन्हा को देखने पहुंचे लोग
जयपुर के पास स्थित बिशनगढ़ गांव इन दिनों वेबसीरीज दहाड़ के दूसरे सीजन ‘दहाड़-2’ की शूटिंग के चलते सुर्खियों में है। इन दिनों यहां वेबसीरीज के क्लाइमैक्स सीन फिल्माए जा रहे हैं, जिनमें हाई-ऑक्टेन एक्शन और रोमांचक दृश्यों की शूटिंग की जा रही है। इसी दौरान एक एक्शन सीन की शूटिंग में तेज रफ्तार से दौड़ रहा ट्रक अचानक पलट गया। हालांकि यह सीन स्क्रिप्ट का हिस्सा था और इसे फिल्माने से पहले कई बार रिहर्सल की गई थी। सुरक्षा के पूरे इंतजामों के बीच इस दृश्य को सफलतापूर्वक शूट किया गया। ट्रक पलटने का यह दृश्य सीरीज के क्लाइमैक्स का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जो दर्शकों को रोमांचित करेगा। शूटिंग के दौरान आसपास के क्षेत्रों में भी काफी हलचल देखने को मिली। इससे पहले गांव के पास वेबसीरीज की मुख्य अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सीन फिल्माए गए। सोनाक्षी को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों में अपने पसंदीदा सितारे की एक झलक पाने का खासा उत्साह नजर आया। पुलिस अधिकारी की भूमिका में दिखेंगी सोनाक्षी ‘दहाड़-2’ में सोनाक्षी सिन्हा एक दमदार पुलिस अधिकारी के किरदार में नजर आएंगी। यह किरदार मजबूत, सख्त और न्याय के लिए लड़ने वाली महिला अधिकारी की छवि को दर्शाता है। पहले सीजन में भी उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा था, जिसके बाद दूसरे सीजन को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है। ‘दहाड़’ एक क्राइम-थ्रिलर वेबसीरीज है, जिसकी कहानी समाज में घटित होने वाले गंभीर अपराधों और उनकी जांच के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें पुलिस जांच, सामाजिक मुद्दों और मनोवैज्ञानिक पहलुओं को गहराई से दिखाया गया है। पहला सीजन अपनी दमदार कहानी, सशक्त निर्देशन और कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय के कारण काफी चर्चित रहा था। जयपुर के आसपास हो रही लगातार शूटिंग पिछले कुछ महीनों से जयपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में इस वेबसीरीज की शूटिंग चल रही है। राजस्थान के ग्रामीण और शहरी लोकेशन्स को कहानी के अनुरूप खास तौर पर चुना गया है, जिससे सीरीज को वास्तविकता का स्पर्श मिल सके। ‘दहाड़-2’ के क्लाइमैक्स की शूटिंग अब अंतिम चरण में है और मेकर्स इसे पहले से ज्यादा रोमांचक और प्रभावशाली बनाने में जुटे हुए हैं। दर्शकों को इस सीजन में जबरदस्त एक्शन, सस्पेंस और दमदार कहानी देखने को मिलेगी।
2026-04-16 03:58
ग्रामपंचायत अधिकारी के पुत्र का गर्रा नदी में मिला शव:शाहजहांपुर के तिलहर से 2 दिन से था लापता, मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम
शाहजहांपुर के तिलहर क्षेत्र में एक ग्राम पंचायत अधिकारी के लापता पुत्र का शव बुधवार रात गर्रा नदी में मिला है। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। सूचना मिलने पर सीओ ज्योति यादव सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। नगर के मोहल्ला हिंदूपट्टी निवासी राकेश वर्मा कलान ब्लॉक में ग्राम पंचायत अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह वह और उनकी पत्नी मीनाक्षी, जो प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं, अपनी-अपनी ड्यूटी पर चले गए थे। उनका पुत्र अभिनव वर्मा, जिसने आईआईटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी, घर पर मौजूद था। थाने में दर्ज थी गुमशुदगी की रिपोर्ट शाम को जब दंपति घर लौटे तो अभिनव वहां नहीं था। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पिता राकेश वर्मा ने थाने में अभिनव की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्काल युवक की तलाश शुरू कर दी थी। बुधवार शाम को क्षेत्र की गर्रा नदी में एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव की पहचान लापता अभिनव वर्मा के रूप में की। शव मिलने की खबर सुनते ही परिजनों में गहरा दुख छा गया। सूचना के बाद फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और आवश्यक नमूने एकत्र किए। कोतवाली प्रभारी जुगल किशोर पाल ने बताया कि- गर्रा नदी में मिले शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और टीम ने नमूने एकत्र कर लिए है, आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।