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Tech
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2026-08-11 05:37
Semiconductor Mission 2.0: सरकार की ₹1.27 लाख करोड़ की सेमीकंडक्टर स्कीम, इन 10 स्टॉक्स को मिल सकता है तगड़ा फायदा
Semiconductor Mission 2.0: केंद्र सरकार ने India Semiconductor Mission (ISM 2.0) के लिए ₹1.27 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। इस बार सरकार का ...
2026-03-30 09:32
टेक कंपनियों में छंटनी तेज: Google और Amazon में हजारों कर्मचारियों पर असर
Google और Amazon जैसी बड़ी टेक कंपनियों में लागत कटौती के चलते छंटनी जारी है, जिससे हजारों कर्मचारियों पर असर पड़ रहा है।
2026-03-27 05:14
साइबर फ्रॉड का खतरा बढ़ा: ऑनलाइन ठगी के मामलों में तेजी
👉 देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर फ्रॉड के मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जानिए कैसे रहें सुरक्षित।
2026-08-24 00:35
कमाई से पहले Dell Tech को Evercore की Tactical Outperform List में जोड़ा गया
कमाई से पहले Dell Tech को Evercore की Tactical Outperform List में जोड़ा गया
2026-08-23 12:33
Deepinder Goyal ने Temple Device की डिलीवरी पर दी बड़ी अपडेट, Health Tech सेक्टर में मचेगी हलचल
इस बीच Zomato के को-फाउंडर दीपेंदर गोयल ने कंफर्म किया है कि इस साल बियरेबल डिवाइस ‘टेंपल’ की डिलिवरी शुरु होगी। सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने अपने यूजर्स को ‘टेंपल’ की फोटो शेयर करते हुए लिखा कि अब तक लोगों ने इसका जो साइज देखा है यह उसके आधे साइज से भी कम हो गया है। यानी के टेंपल एक कॉम्पैक्ट डिवाइस होगी। कंपनी ने यह भी दावा किया है कि टेंपल लोगों के शरीर को मेटाबोलिक स्थिति को रियल-टाइम में मेजर करेगा। इसको आप गाल, माथे और कान के बीच वाली जगह पर चिपका सकते हैं। दीपेंदर गोयल ने लिखा कि यह आपकी जिंदगी बदल देगा। कुछ ही दिनों में शुरु होंगे प्री-ऑडर्स इस पोस्ट में दीपेंदर गोयल ने लिखा कि Temple आपके द्वारा अब तक देखे गए आकार से आधे से भी कम साइज का हो गया है। यदि वॉल्यूम के हिसाब से देखें, तो टेंपल इस समय मार्केट में उपलब्ध सबसे छोटा और पावरपुल वियरेबल डिवाइस है। टेंपल के साथ रहना और ट्रेनिंग करना आपकी जिंदगी बदल देगा। जल्द ही हम अपने लिमिटेड लॉन्च एडिशन के लिए प्री-ऑर्डर लेना शुरु करेंगे। जिसकी डिलीवरी 2026 के आखिर से पहल कर दी जाएगी। टेंपल डिवाइस के क्या फायदे? - टेंपल डिवाइस के फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस अभी सामने नहीं आए। लेकिन दीपेंदर दावा कर चुके हैं कि भविष्य में टेंपल ऐसी डिवाइस बनेगी, जिसकी दुनिया को जरुरत होगी। बता दें कि, यह एक हेल्थ गैजेट है। - इसका कार्य यूजर के दिमाग में बहने वाले खून की रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगा। टेंपल को डेली लाइफ में पहना जा सकता है। यह डिवाइस एआई की मदद से दिमाग में बहने वाले खून का पैटर्न समझेगी। - इसकी सहायता से किसी यूजर की मेमोरी , फोकस, तनाव, नींद आदि के बारे में जानकारी मिलेगी। कहा जाता है कि टेंपल में 4 सेंसर लगे रहते हैं, लेकिन इनकी डिटेल अभी सामने नहीं आई है। टेंपल के लिए दीपेंदर का क्या प्लान है? दीपेंदर ने अपने पोस्ट में बताया है कि टेंपल एक लिमिटेड डिवाइस होगी। इसको बल्क में नहीं उतारा जाएगा। आपको बताते चलें कि कंपनी ने शुरुआत में कुछ हजार यूनिट्स बनाए है। ग्लोबल मार्केट्स में भी इस डिवाइस को उतारा जाएगा। Temple is now less than half the size of what you've seen so far. Volumetrically, Temple is now the smallest wearable on the market, and the most^10 powerful. Living and training with Temple is going to change your life. We will start taking pre-orders for our limited launch... pic.twitter.com/L7tCEW588p — Deepinder Goyal (@deepigoyal) August 21, 2026
2026-08-23 08:41
फोन में 8GB RAM है लेकिन असल में कितनी रैम आती है आपके काम?
फोन में 8GB RAM है लेकिन असल में कितनी रैम आती है आपके काम?
2026-08-23 08:00
Zomato के बाद अब Tech में धमाका! दीपिंदर गोयल की ‘Temple’ जल्द देगी दस्तक, जानें इस डिवाइस के फायदे
जोमैटो और 'इटर्नल' के फ़ाउंडर दीपिंदर गोयल का बहुचर्चित वियरेबल गैजेट 'Temple' अब एक एक्सपेरिमेंटल डिवाइस से आगे बढ़कर कमर्शियल लॉन्च के लिए तैयार है।
2026-08-23 07:22
रायबरेली को मिला 1500 सीटों वाला हाई-टेक ऑडिटोरियम:CM योगी 50 करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 अगस्त को रायबरेली का दौरा करेंगे। इस दौरान वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राणा बेनीमाधव बख्श सिंह की स्मृति में बने सांस्कृतिक परिसर का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री 50 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे। यह सांस्कृतिक परिसर शहर के अमोल विहार में स्थित है। 36.09 करोड़ की लागत से निर्मित इस ऑडिटोरियम में 1500 दर्शकों के बैठने की क्षमता है। इसे अवध क्षेत्र के सबसे आधुनिक परिसरों में से एक माना जा रहा है। परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया गया है। परियोजना के प्रथम चरण में 20.09 करोड़ की लागत से मुख्य ऑडिटोरियम भवन और एक डिजिटल ई-लाइब्रेरी सह रिसर्च सेंटर का निर्माण किया गया है। इस केंद्र में युवा पीढ़ी को 1857 की क्रांति और क्षेत्रीय इतिहास का अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। द्वितीय चरण में 12.00 करोड़ खर्च किए गए, जिसमें वीआईपी अतिथियों के लिए गेस्ट हाउस और खुले में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए एक ओपन एयर थिएटर का निर्माण शामिल है। तृतीय चरण के तहत ₹4.00 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का डिजिटल एकॉस्टिक साउंड सिस्टम, स्टेज लाइटिंग और ऑडियो-विजुअल (ए/वी) तकनीक स्थापित की गई है। ऑडिटोरियम में 1500 दर्शकों के लिए सीटें लगाई गई हैं। परिसर में विशाल पार्किंग और आधुनिक अग्निशमन व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।
2026-08-22 14:35
लखनऊ में कोड बॉट चैंपियनशिप:विद्यार्थियों ने रोबोटिक्स, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और एआई में दिखाई प्रतिभा; 16 सम्मानित
लखनऊ में वृंदावन स्थित एसकेडी अकादमी में शनिवार को आयोजित 'राष्ट्रीय स्तरीय कोड बॉट चैंपियनशिप' में देश भर के स्कूली बच्चों ने अपनी तकनीकी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस प्रतियोगिता में महाराष्ट्र समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्यार्थियों ने रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और नवाचार (Innovation) के क्षेत्र में अपने शानदार मॉडल और कौशल का प्रदर्शन किया। इन विजेताओं ने मारी बाजी युवाओं को तकनीक का सिर्फ इस्तेमाल नहीं, उसका निर्माता बनना होगा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 होनहारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए डॉ. सिंह ने कहा, "तकनीक केवल मशीनों को आधुनिक बनाने का साधन नहीं है, बल्कि यह नई पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करने की एक बड़ी शक्ति है। भारत के युवाओं को अब तकनीक का केवल उपयोग करने वाला (Consumer) नहीं, बल्कि उसका निर्माता (Creator) बनना होगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि रोबोटिक्स और डिजिटल कौशल में दक्ष युवा ही आत्मनिर्भर भारत का मजबूत आधार बनेंगे। रोबो रेस से लेकर ड्रोन दौड़ तक, 6 प्रतियोगिताओं में दिखा हुनर इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप में मुख्य रूप से 6 रोमांचक प्रतियोगिताएं हुईं, जिनमें रोबो रेस, बॉट मुकाबला, तेज गति रेखा अनुयायी (Fast Line Follower), नवाचार चुनौती, रोबो फुटबॉल और ड्रोन दौड़ शामिल थीं। बच्चों ने अपने टैलेंट का प्रदर्शन करते हुए स्मार्ट राजमार्ग नगर, स्मार्ट बस विद्यार्थी निगरानी प्रणाली (Smart Bus Student Tracking System), AI आधारित स्मार्ट सिंचाई व उर्वरक प्रणाली और सुरक्षित नाड़ी व चेतावनी प्रणाली जैसे अत्याधुनिक मॉडल प्रस्तुत किए।विधायक ने 5 हजार में खरीदी पेंटिंग कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह ने बच्चों के मॉडलों की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा। उन्होंने कला प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और एक होनहार छात्र का उत्साहवर्धन करने के लिए उसकी बनाई हुई पेंटिंग को 5 हजार रुपए में खरीदा। डिजिटल शिक्षा के महत्व पर बात करते हुए विधायक ने बताया कि 'डिजिटल सरोजनीनगर अभियान' के तहत अब तक 37 महाविद्यालयों में 450 से ज्यादा कंप्यूटरों वाली डिजिटल लैब और 44 स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाई जा चुकी हैं। साथ ही, 2000 से अधिक मेधावियों को लैपटॉप और टैबलेट बांटे गए हैं।