कोरबा के कटघोरा नगर पालिका परिसर में स्थापित भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के निर्माण में हुई अनियमितता का मामला अब तू...
कोरबा के कटघोरा नगर पालिका परिसर में स्थापित भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के निर्माण में हुई अनियमितता का मामला अब तूल पकड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर शुक्रवार को युवा कांग्रेस ने अर्धनग्न प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता प्रतिमा के सामने एकत्र हुए और जमकर नारेबाजी की। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। युवा कांग्रेस ने CMO और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की युवा कांग्रेस का आरोप है कि प्रतिमा निर्माण में बड़े पैमाने पर धांधली और भ्रष्टाचार हुआ है। संगठन का कहना है कि जांच में सिर्फ उप-अभियंता को निलंबित कर पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। युवा कांग्रेस की मांग है कि जांच का दायरा बढ़ाकर सीएमओ और ठेकेदार सहित सभी दोषियों पर कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में भ्रष्टाचार मिटाना है समृद्धि का कटोरा बनाना है और "निलंबित करो सीएमओ साहब" जैसे बैनर थे। नारेबाजी के बीच युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार पर लीपापोती का आरोप लगाया। युवा कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप- जिम्मेदारों को बचाया जा रहा युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि अटल जी की प्रतिमा के साथ जो खिलवाड़ हुआ है, वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच प्रतिवेदन आने के बाद दो दिन में उप-अभियंता को निलंबित कर दिया गया, लेकिन सीएमओ और ठेकेदार के खिलाफ 8-9 दिन से कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। विकास सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा में भ्रष्टाचार हुआ और स्थानीय मंत्री-विधायक चुप हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचारियों को बचाने में लगी है। युवा कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें हैं। पहली, प्रतिमा निर्माण प्रकरण की उच्च स्तरीय समिति गठित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। दूसरी, जांच में सीएमओ, ठेकेदार सहित अन्य दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। तीसरी, जांच पूर्ण होने तक प्रतिमा को हटाने या उसमें कोई परिवर्तन करने पर तत्काल रोक लगाई जाए। आंदोलन के दौरान काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे। जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।
इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।
इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।