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2026-04-16 00:48
दिन का पारा 40 डिग्री पर स्थिर, अब अगले तीन दिन तक छाएंगे बादल
सागर| शहर में गर्मी ने अब तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को भी अधिकतम तापमान 40 डिग्री पर स्थिर रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक है। रात के तापमान में हल्की गिरावट आई है। न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री दर्ज किया गया। यह भी सामान्य से 1 डिग्री ज्यादा है। सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण दोपहर में गर्मी ने लोगों को बेहाल किया। हालांकि बीच-बीच में चली ठंडी हवाओं के कारण तापमान में ज्यादा उछाल नहीं आया, लेकिन गर्म हवा का असर देर शाम तक बना रहा। आने वाले 72 घंटों में शहर का मौसम रंग बदलता रहेगा। लोगों को गर्मी और राहत दोनों का मिलाजुला अनुभव होगा। हल्की बारिश की संभावना : मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन अगले तीन दिनों में इसमें बदलाव के संकेत हैं। दक्षिण-पूर्व मध्यप्रदेश से गुजर रही उत्तर-दक्षिण ट्रफ लाइन सागर के आसपास सक्रिय है, जिससे वातावरण में नमी और अस्थिरता बढ़ेगी। इसके चलते दोपहर और शाम के समय स्थानीय बादलों का निर्माण होगा। इससे गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इसके साथ ही 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई गई है।
2026-04-16 00:47
महाकाल के दर्शन करने जा रहीं महापौर की कार पर बरसाई रॉड
ग्वालियर| शहर की महापौर डॉ. शोभा सिकरवार पर बुलेट सवार बदमाशों ने हमला कर दिया। बदमाशों ने उनकी कार पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे गाड़ी के कांच टूट गए। हमले में महापौर और उनका परिवार बाल-बाल बच गया। घटना उज्जैन और मक्सी के बीच हुआ। महापौर डॉ. शोभा सिकरवार सोमवार रात परिवार के साथ बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन जा रही थीं। उज्जैन और मक्सी के बीच, उज्जैन से करीब 10 किमी दूर उनकी कार पर हमला हुआ। दो बदमाश बुलेट पर सवार होकर आए और उन्होंने कार को निशाना बनाते हुए रॉड से हमला कर दिया। हमले के बाद दोनों आरोपी मौके से भाग निकले। महापौर ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की है। पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है और हमले के कारणों की जांच कर रही है।
2026-04-16 00:46
यूनिपोल का ‘जाल’:शास्त्री ब्रिज पर ही 12 होर्डिंग, कितने वैध-अवैध निगम को पता नहीं
शहर में यूनिपोल और होर्डिंग्स का जाल लगातार फैलता जा रहा है। शास्त्री ब्रिज पर ही 10-12 बड़े होर्डिंग्स लगे हुए हैं। सबसे खास बात यह है कि शहर में कितने वैध और किसने अवैध होर्डिंग्स हैं, इसके बारे में निगम को ही नहीं पता है। कोर्ट की फटकार के बाद सर्वे का काम शुरू तो हुआ, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इसी बीच स्मार्ट सिटी कंपनी ने भी एलईडी स्क्रीन लगाई है, जिस पर विज्ञापन दिखता है। बताया जा रहा है कि इसके टेंडर की भी समय सीमा पहले ही पूरी हो चुकी है। इधर, शहर में 5-6 हजार एलईडी स्क्रीन और लगाने की तैयारी है। वहीं हवा-आंधी में हमेश यूनिपोल गिरने की आशंका बनी रहती है। इसकी भी कोई तैयारी नहीं है। शहर में कहीं छोटे तो कहीं बड़े यूनिपोल खड़े हो चुके हैं, लेकिन निगम का मार्केट विभाग इस पर कोई ठोस निगरानी नहीं कर रहा। जेंट्री गेट अब नेताओं के प्रचार का माध्यम बन चुके हैं। कुछ साल पहले शहर की सुंदरता के नाम पर होर्डिंग्स हटाए गए थे, लेकिन अब फिर से डिवाइडर, साइकिल स्टैंड और चार्जिंग स्टेशनों तक बड़े विज्ञापन बोर्ड खड़े हो गए हैं। पोल और डिवाइडर भी नहीं बचे निगम अब अपने साढ़े छह हजार पोल पर भी एलईडी लगाने की तैयारी में है। इसके लिए चार करोड़ सालाना का ठेका प्रस्तावित है। हाल ही में 10 सड़कों के डिवाइडर पर 300 से ज्यादा ‘लॉलीपॉप’ लगाने का ठेका 1.65 करोड़ में दिया है। अगर डिवाइडर पर भी एलईडी लगती हैं तो वहां चलने की जगह और कम हो जाएगी। एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर ने अवैध होर्डिंग, यूनिपोल और टेंडर घोटाले का आरोप खुद की निगम पर ही लगाया था। 44 जेंट्री गेट और 3 पुल का ठेका दो साल पहले ही खत्म हो चुका, मुफ्त में विज्ञापन शहर में अब 5 से 6 हजार एलईडी स्क्रीन लगाने की तैयारी है। हद यह है कि खुद एमआईसी ने इसे मंजूरी दी है, जबकि एमआईसी सदस्य शहर में हो रहे विज्ञापन को लेकर विरोध भी दर्ज करवा रहे हैं। नगर निगम के 44 जेंट्री गेट और 3 पैदल पुलों का ठेका दो साल पहले खत्म हो चुका है। इसके बाद से यहां मुफ्त में विज्ञापन हो रहा है। दो बार टेंडर निकाले, लेकिन शर्तें इतनी जटिल और राशि इतनी ज्यादा रखी गई कि कोई ठेकेदार आगे नहीं आया। अब तीसरा टेंडर जारी किया गया है, जिसमें साढ़े छह करोड़ रुपए की मांग रखी गई है। नियम अनुसार डिवाइडर और फुटपाथ पर होर्डिंग/विज्ञापन बोर्ड लगाना प्रतिबंधित मप्र नगर निगम अधिनियम तथा मप्र आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम 2017 के अनुसार डिवाइडर और फुटपाथ पर होर्डिंग/विज्ञापन बोर्ड लगाना प्रतिबंधित है, इसके बावजूद शहर के सेंट्रल डिवाइडर, फुटपाथों, ट्रैफकि सिग्नल के पास, ऐतिहासकि धरोहरों और महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास अवैध यूनिपोल और होर्डिंग लगाकर विज्ञापन चलाए जा रहे हैं। निगम को इस तरह की शकिायतें भी मिली हैं कि दरें 2019 वाली ही लागू रखी गईं, जिससे चार साल की अवधि में लगभग 16 करोड़ रुपए की राजस्व हानि हुई।
2026-04-16 00:40
MMMUT की छात्राओं ने वॉर्डन पर लगाया आरोप:बोलीं- मेरी दोस्त कपड़े चेंज कर रही थी, वो अंदर घुस गए, DM बोले- मामले की जांच होगी
गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बुधवार को छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि पूरे कैंपस में तनाव का माहौल बन गया और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं विरोध प्रदर्शन करने लगे। करीब 10 घंटे तक यूनिवर्सिटी कैंपस में ऐसा ही माहौल बना रहा। अब विस्तार से पढिए पूरा मामला छात्राओं ने चीफ वार्डन वी.के. गिरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि दोपहर करीब 12 बजे TCS के एक कार्यक्रम में जाने को लेकर वार्डन उनके हॉस्टल में जबरन घुस आए। उन्होंने आरोप लगाया कि मना करने के बावजूद वार्डन नहीं माने और जब छात्राओं ने कार्यक्रम में जाने से इनकार कर दिया, तो उन्होंने कमरे को बाहर से लॉक कर दिया। इस घटना के बाद छात्राएं आक्रोशित हो गईं। छात्रों ने वार्डन पर लगाया गंभीर आरोप दैनिक भास्कर से बात करते हुए छात्राओं ने कहा, “आज दोपहर वार्डन हम लोग के हॉस्टल में अचानक घुस गया रूम का दरवाजा और वॉशरूम का दरवाजा पीटने लगे। उसी दौरान एक लड़की अंदर कपड़े चेंज कर रही थी वार्डन उसके रूम में भी घुस गए। हम लोग अपने कॉलेज में ही सेफ नहीं है।” घटना की जानकारी तेजी से पूरे कैंपस में फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे और वार्डन को हटाने की मांग करने लगे। देखते ही देखते हजारों छात्र कैंपस में जमा हो गए, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। छावनी में तब्दील हो गया था पूरा कैंपस हालात को नियंत्रित करने के लिए कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। देखते ही देखते विश्वविद्यालय कैंपस छावनी में तब्दील हो गया। एडीएम सिटी, एसपी सिटी, सीओ कैंट सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने की कोशिश करते रहे। लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनकी मुख्य मांग थी कि वार्डन को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई जाए। शाम होते-होते प्रदर्शन और उग्र हो गया। दोपहर 12 बजे शुरू हुआ विवाद करीब 10 घंटे तक चलता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए रात करीब 9 बजे डीएम और एसएसपी भी विश्वविद्यालय पहुंचे। 2 घंटे चली बैठक के बाद शांत हुआ मामला इसके बाद रात 9:15 बजे से 100 से अधिक छात्रों के साथ बैठक की गई। इस बैठक में अधिकारियों ने एक-एक कर छात्रों की बात सुनी। छात्र लगातार वार्डन को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े रहे। करीब दो घंटे तक चली बातचीत के बाद छात्र शांत हुए। दैनिक भास्कर से बातचीत में डीएम दीपक मीणा ने कहा- देखिए ये कोई प्रोटेस्ट नहीं था। उनकी मांग को सुना गया मैने उन सबको आश्वस्त किया कि इस घटना की जांच कमेटी करेगी। कमेटी की रिपोर्ट के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिसपर सभी छात्रों की सहमति बनी है।
2026-04-16 00:37
सर्प विशेषज्ञ डॉ. इंगले को वन्यजीव व पर्यावरण संरक्षण के लिए 2 पुरस्कार
सरीसृप (सांप) विशेषज्ञ डॉ. मुकेश इंगले को नई दिल्ली के जनकपुरी में आयोजित कार्यक्रम में संरक्षण कार्यों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। उन्हें इंटरनेशनल बिजनेस एंड एजुकेशन अवार्ड्स 2026 के तहत वन्यजीव संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान पुरस्कार और नेशनल एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026 के तहत पर्यावरणीय संरक्षण पुरस्कार दिया गया। डॉ. इंगले को सांपों और अन्य सरीसृप के संरक्षण, शोध, सांप काटने से बचाव और जैव विविधता संरक्षण में किए कार्यों के लिए यह मान्यता मिली। उन्होंने 25 वर्षों से अधिक समय में 30 से ज्यादा परियोजनाओं का नेतृत्व किया। उन्होंने 10 से अधिक पुस्तकें लिखीं। उन्होंने 5,000 से अधिक हित धारकों को प्रशिक्षण दिया और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए 5 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई। समारोह में सुरेश रैना, मदन लाल मौजूद रहे। जानकारी रणजीत जारवाल ने दी।
2026-04-16 00:37
मॉस्को के त्सारित्सिनो पैलेस में अरुण ने तबला प्रस्तुति दी, सभी ने सराहा
उज्जैन | रूस की राजधानी मॉस्को में त्सारित्सिनो पैलेस के ग्रैंड रॉयल कैथरीन हॉल में तबला वादक अरुण कुशवाह ने प्रस्तुति देकर शहर का मान बढ़ाया। इंडिया द फैब्रिक ऑफ टाइम एग्जिबिशन के समापन पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने सितार वादक तरुण धामी के साथ नाद-संवाद की प्रस्तुति दी। यह आयोजन जवाहरलाल नेहरू कल्चरल सेंटर, मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास और त्सारित्सिनो म्यूजियम-रिजर्व के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। अरुण वर्तमान में आईसीसीआर के जवाहरलाल नेहरू कल्चरल सेंटर और मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में तबला शिक्षक व कलाकार के रूप में कार्यरत हैं। वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
2026-04-16 00:37
गोसा में सेन महाराज की महाआरती, सम्मान और पौधारोपण के साथ दुग्धाभिषेक भी
संत शिरोमणि सेन महाराज का जन्मोत्सव उज्जैन सर्वसेन समाज ने सेन जयंती महोत्सव के रूप में मनाया। भारती सर्व सेन समाज संगठन अवंतिका के तत्वावधान में आयोजित सेन जयंती महोत्सव के तहत दो दिवसीय कार्यक्रम हुए, जिनमें पहले दिन विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। दूसरे दिन रामघाट स्थित सेन मंदिर में सेन महाराज का शृंगार, अभिषेक और पूजन-आरती हुई।] इसके बाद गणगौर दरवाजा स्थित दशोरा समाज धर्मशाला में वरिष्ठ समाजसेवियों और प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया तथा प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। समाज अध्यक्ष शिवनारायण झाला, ओम गहलोत, भारत श्रीवास, सुरेंद्र सेन ने बताया सम्मान समारोह के बाद आयोजित विशाल भंडारे में हजारों लोगों ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। संचालन सुरेश सोलंकी ने किया। आयोजन में शेखर श्रीवास, कन्हैयालाल सेन, सीके सोलंकी, रतनलाल वर्मा, रामप्रसाद वर्मा, मोहनलाल सेन, बन्नुलाल सेन का सहयोग रहा।
2026-04-16 00:37
विश्वशांति भागवत का तीसरा दिन: हनुमान चालीसा और ध्यान केंद्र के जीवन प्रबंधन गुरु पं. मेहता ने कहा
विश्वशांति भागवत के तीसरे दिन हनुमान चालीसा और ध्यान केंद्र के जीवन प्रबंधन गुरु पं. विजयशंकर मेहता ने कहा कि आज के दौर में संतान का सही तरीके से लालन-पालन कर उसे योग्य बनाना बड़ी चुनौती है और इससे निपटने के लिए बच्चों को कुछ अच्छा सिखाने से पहले माता-पिता का स्वयं संस्कारित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गर्भाधान के समय से लेकर प्रसव काल तक मां के भीतर जो भी चल रहा होता है, उसका सीधा प्रभाव संतान पर पड़ता है, इसलिए संतान की उत्पत्ति और पालन में सदैव होश में रहना चाहिए। मेहता ने भरत के चरित्र का उल्लेख करते हुए कहा कि अपने आपको और अपने बच्चों को योग्य बनाने की सीख वहीं से मिलती है; कितने ही बुद्धिमान हो जाएं, जड़भरत बने रहना भी एक गुण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जड़ का अर्थ मूर्ख नहीं, बल्कि निष्काम होना है। अजामिल की कथा से उन्होंने दृष्टि के संयम पर जोर देते हुए कहा कि क्या देखें और कितना देखें, इसे लेकर अत्यधिक सावधान रहना चाहिए, क्योंकि दृष्टि का नियंत्रण मनुष्य को ब्रह्मचर्य प्रदान करता है और कुदृष्टि पतन का कारण बन सकती है। प्रहलाद चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि परमात्मा के प्रति आसक्ति मनुष्य को संकटों से मुक्त रखकर महान बना सकती है, इसलिए जीवन में जब भी जो भी काम करें, होशपूर्वक करें और भगवान का नाम लेते रहें। कथा के चौथे दिन गुरुवार को समुद्र मंथन और भगवान कृष्ण के जन्म प्रसंग की चर्चा के दौरान यह बताया जाएगा कि पाप और पापियों का नाश करने भगवान किस प्रकार धरती पर आते हैं।
2026-04-16 00:37
5 सिखों को अमृत संचार करवाया, लुधियाना वाले का गुरबाणी कीर्तन
बैसाखी पर्व (खालसा सृजन दिवस) पांच सिखों को अमृत संचार एवं शब्द कीर्तन का आयोजन किया गया। श्री गुरु सिंघ सभा दूध तलाई के अध्यक्ष इकबाल गांधी ने बताया कि प्रिंसिपल सुखवंत सिंह (लुधियाना वाले) ने गुरबाणी कीर्तन किया। संभागीय अध्यक्ष सुरजीतसिंह डंग ने बताया कि बैसाखी के दिन गुरुजी ने सभा में पूछा कि कौन अपना सिर देने के लिए तैयार है। तब पांच बहादुर व्यक्ति आगे आए और अमृत पान कर बन गए। भाई दया सिंहजी, भाई धरमसिंहजी, भाई हिम्मतसिंहजी, भाई मोहकमसिंहजी और भाई साहिब सिंहजी। इन्हें ही “पांच प्यारे” कहा जाता है। इन पांच प्यारों को खांडे से अमृत संचार के माध्यम से खालसा में शामिल किया गया, जो शुद्धता, निर्भयता और नम्रता का प्रतीक हैं। संभागीय प्रवक्ता एसएस नारंग ने बताया सर्वप्रथम गुरुजी ने खांडे से अमृत तैयार करके इन पांचों को दीक्षा दी और खालसा बनाया। फिर सबसे बड़ी बात यह हुई कि गुरुजी खुद भी इन पांच प्यारों के सामने झुके और उनसे अमृत लिया। कार्यक्रम में सतनाम कौर, जसवंतसिंह मक्कड़, मस्तानसिंह छाबड़ा, जगदीशलाल हरिया, पिलकेंद्र अरोरा, खुशालसिंह वाधवा, प्रो. बीएस मक्कड़, पुरुषोत्तम चावला, अरविंद कपूर, इंद्रजीत मुटरेजा, सतनामसिंह गांधी, बंटी सलूजा उपस्थित थे। संचालन जसविंदरसिंह ठकराल ने किया।
2026-04-16 00:36
डॉ. भीमराव अंबेडकर भारतीय इतिहास के महान व्यक्तित्वों में से एक हैं: पूर्व प्राचार्य
भास्कर संवाददाता। मछंड ग्राम पंचायत मछंड में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती और चल समारोह का आयोजन कांग्रेस द्वारा किया गया। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों ने बाबा साहब को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर मुख्य रूप से पूर्व प्राचार्य मलखान सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर भारतीय इतिहास के उन महान व्यक्तित्वों में से एक हैं, जिन्होंने समाज में व्याप्त असमानता, जातिवाद और भेदभाव के खिलाफ जीवनभर संघर्ष किया। उन्हें भारतीय संविधान का प्रमुख निर्माता माना जाता है। उनके योगदान के कारण ही आज भारत एक लोकतांत्रिक, समानता और न्याय पर आधारित गणराज्य के रूप में स्थापित है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में उन्हें संविधान निर्माण समिति का अध्यक्ष बनाया गया। इस जिम्मेदारी को उन्होंने अत्यंत ईमानदारी, गहन अध्ययन और दूरदृष्टि के साथ निभाया। उन्होंने ऐसा संविधान तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार, स्वतंत्रता, न्याय और अवसर प्रदान करता है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि भारत में किसी भी प्रकार का भेदभाव कानूनी रूप से अमान्य हो। डॉ. अंबेडकर ने भारतीय संविधान में मौलिक अधिकारों, राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों और सामाजिक न्याय की मजबूत नींव रखी। उनके विचार थे कि शिक्षा, संगठन और संघर्ष ही समाज के उत्थान के प्रमुख साधन हैं। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और श्रमिकों के हितों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधानों का समर्थन किया। इस मौके पर पुष्पेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह राजावत, रूपा मिश्रा, अजब सिंह, राजू रौन, कवि शिवेंद्र सिंह, जितेंद्र भदौरिया, रामवीर सिंह राजावत, सत्यम शिवहरे, रामपाल सिंह, जगदीश सिंह, महेंद्र सिंह, उदयभान सिंह, वीरेंद्र सिंह, महावीर सिंह, हनुमंत सिंह आदि मौजूद रहे। डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि देते हुए।