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2026-04-16 01:02
नोएडा में घरेलू साहियाका और गिग वर्कस सड़कों पर:तय घंटे, बेहतर वेतन और सम्मान की मांग तेज, कई सोसाइटी में काम पर नहीं पहुंची
सैलरी बढ़ोतरी व कई अन्य मांगों को लेकर सोसाइटी में काम करने वाली घरेलू सहायिका अब सामने आने लगी है। मंगलवार और बुधवार को सहायिकाओं ने प्रदर्शन किया। इसके चलते सोसाइटियों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार को सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक केपटाउन और सेक्टर-121 स्थित क्लियो काउंटी सोसाइटी के बाहर प्रदर्शन हाने के बाद बुधवार को भी सेक्टर-137 में घरेलू सहायिकाओं ने प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन पूर्वांचल सोसाइटी, इकोसिटी सोसाइटी व आसपास की अन्य हाउसिंग सोसाइटी के बाहर किया जा रहा है। घरेलू सहायिकाओं ने एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। घंटे और वेतन तय किया जाए घरेलू सहायिकाओं का कहना है कि उन्हें काम के बदले उचित वेतन नहीं मिल रहा है, साथ ही कई जगहों पर काम के घंटे भी तय नहीं हैं। इसके अलावा सोसाइटी के कड़े नियम-जैसे प्रवेश-निकास की पाबंदियां, पहचान पत्र की अनिवार्यता और लिफ्ट के उपयोग पर भी प्रतिबंध है। जिसके चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कुछ साहिकाओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार भी नहीं किया जाता है। महिला गिग वर्कर्स ने किया प्रदर्शन सेक्टर-60 में स्थित अर्बन कंपनी के ट्रेनिंग सेंटर के बाहर बुधवार सुबह करीब 40 महिला गिग वर्कर्स ने प्रदर्शन किया। ये महिलाएं घरेलू सेवाएं (ब्यूटी, मसाज, क्लीनिंग आदि) देने वाली अर्बन कंपनी से जुड़ी हैं। उन्होंने सैलरी बढ़ाने की बजाय निश्चित काम के घंटे, बुनियादी सुविधाएं और महिला-विशेष जरूरतों का सम्मान मांगा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य शिकायत यह है कि प्लेटफॉर्म पर कोई फिक्स्ड वर्किंग आवर्स नहीं हैं। 11 घंटे काम फिर नहीं मिलता सम्मान अक्सर उन्हें 11 घंटे तक काम करना पड़ता है, जबकि सरकारी नियमों के मुताबिक आठ घंटे का प्रावधान है। ग्राहकों के घरों के बीच घूमने के कारण बैठने की जगह, पीने का पानी या वॉशरूम जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलतीं। कई बार ग्राहक वॉशरूम इस्तेमाल करने से मना कर देते हैं।
2026-04-16 01:00
नोएडा हिंसा, तीन दिन में बने 80 वाट्सऐप ग्रुप:17 से सबसे ज्यादा शेयर किए गए भड़काऊ पोस्ट, मानेसर हिंसा से जुड़े तार
नोएडा के अलग-अलग हिस्से में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के पीछे 3 संगठनों का नाम सामने आया है। मजदूर बिगुल दस्ता संगठन इनमें प्रमुख है। इस संगठन के प्रमुख रूपेश राय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही श्रमिकों को भड़काने वाले 18 अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी नोएडा पुलिस ने अलग-अलग जगहों से की है। ये सभी आरोपियों ने श्रमिकों को प्रदर्शन के दौरान व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर उन्हें हिंसा के लिए उकसाया था। 3 दिन में 80 वाट्सएप ग्रुप बने 3 दिनों में 80 से अधिक ग्रुप तैयार किए गए थे, जिनमें से करीब 50 ग्रुप की जानकारी पुलिस को मिल चुकी है। इनमें से 17 ग्रुप का सत्यापन किया गया है, जहां साफ तौर पर हिंसा भड़काने वाले संदेश साझा किए गए थे। इन ग्रुप्स में श्रमिकों की वास्तविक मांगों जैसे वेतन बढ़ोतरी या कार्य स्थितियों में सुधार को लेकर कोई चर्चा नहीं थी। कर्मचारियों को उकसाने, भीड़ जुटाने और फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ करने जैसी बातें लिखी जा रही थीं। मानेसर हिंसा में नाम आया था सामने मजदूर बिगुल दस्ता संगठन से जुड़े लोग औद्योगिक क्षेत्रों में घूम-घूमकर मजदूरों को भड़काने का काम कर रहे थे। इस संगठन का नाम इससे पहले हरियाणा के मानेसर में हुई औद्योगिक हिंसा में भी सामने आया था। संगठन का नेटवर्क केवल नोएडा तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य राज्यों में भी सक्रिय है। जांच के दौरान पुलिस को 50 से अधिक संदिग्ध एक्स हैंडल की जानकारी मिली है। ये हैंडल हिंसा से एक-दो दिन पहले ही बनाए गए थे और इनके जरिए भड़काऊ पोस्ट डाले जा रहे थे। इन पोस्ट्स का उद्देश्य माहौल को और अधिक उग्र बनाना था। पुलिस ने इन हैंडल्स की विस्तृत जानकारी के लिए एक्स कंपनी से संपर्क किया है। इसके लिए आधिकारिक पत्र और ईमेल भेजे गए हैं, ताकि इन अकाउंट्स के संचालकों की पहचान की जा सके। 17 व्हाट्सएप ग्रुप्स का सत्यापन अब तक 17 व्हाट्सएप ग्रुप्स का सत्यापन किया जा चुका है और 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही है।
2026-04-16 01:00
यहां 10 दिन से खराब है CT स्कैन मशीन:वाराणसी के पं. दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल की स्थिति, 50 लाख कीमत का लगना है नया ट्यूब
वाराणसी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय सीटी स्कैन जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। यहां पर पिछले 10 दिनों से सीटी स्कैन मशीन खराब पड़ी है। मशीन में लगा ट्यूब फट गया है जिससे मशीन पूरी तरह से बंद है। यहां प्रतिदिन औसतन 100 ऐसे मरीज आते हैं जिनका डाॅक्टर सीटी स्कैन कराने के लिए लिखते हैं। अब पूरी तरह सीटी स्कैन मशीन के कक्ष में ताला लटक रहा है। मरीज यहां पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें बताया जाता है कि मशीन खराब है। 10 दिन बाद संपर्क करें। अस्पताल के CMS डॉ. आरएस राम ने बताया कि मशीन में कि जो ट्यूब खराब हुआ है उसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये है। यह भारत में नहीं मिलता है। संबंधित कंपनी को अवगत करा दिया गया है। अभी 10 से 15 का समय और लग सकता है। प्राइवेट अस्पताल में सीटी स्कैन कराना मजबूरी दरअसल, दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में क्रस्ना डायग्नोस्टिक लिमिटेड की ओर से पीपीपी माडल पर सीटी स्कैन मशीन संचालित हो रही है। यहां मरीजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। यही कारण है कि दूर दराज से आने वाले मरीज यहां सीटी स्कैन करा लेते हैं। अब यहां कई दिनों से मशीन खराब होने के चलते मरीज प्राइवेट अस्पताल में जाकर सीटी स्कैन कराने को मजबूर हैं। कुछ मरीज कबीर चौरा स्थित राजकीय अस्पताल भी पहुंच रहे हैं जिससे वहां भी लोड ज्यादा बढ़ने से दिक्कत होने लगी है। एक्सीडेंटल मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी यह सीटी मशीन कक्ष ट्रामा सेंटर के बिल्कुल बगल में ही स्थित है। यही कारण है ट्रामा सेंटर में ज्यादातर एक्सीडेंटल व गंभीर मरीज ही पहुंचते हैं। ऐसे मरीजों को तत्काल सीटी स्कैन कराने की आवश्यकता होती है लेकिन डॉक्टर पहले ही बता देते हैं सीटी स्कैन बाहर से कराइए क्योंकि यहां मशीन खराब है। अब वह आसपास के प्राइवेट अस्पतालों में जाकर 2 से 4 हजार रुपये देकर सीटी स्कैन कराते हैं। CCTV के सामने खड़े होकर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी दरअसल, यहां करीब 8 से 10 कर्मचारी ड्यूटी कर रहे हैं। प्राइवेट कंपनी के ये सभी कर्मचारी मशीन बंद होने के बावजूद सीसीटीवी के सामने खड़े होकर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। कुछ स्टाफ अंद बैठे हैं तो कुछ कर्मचारी बाहर गैलरी में टहलते हुए लगातार सीसीटीवी के सामने हैं ताकि कंपनी को साबित कर सकें कि वह ड्यूटी में तत्पर हैं। इसके मैनेजर शिवशंकर बताते हैं कि जल्द से जल्द मशीन ठीक कराने के लिए मेल कर दिया गया है।
2026-04-16 00:58
आनंदीबेन से मिले DDU से एफिलिएटेड कॉलेजों के प्रिंसिपल:बताई उपलब्धियां, राज्यपाल ने दिए नौकरी और हुनर पर जोर देने के निर्देश
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों के प्रिंसिपलों ने कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में लखनऊ के जन भवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। सभी ने पीपीटी (PPT) के जरिए उनको अपने कॉलेज की उपलब्धियां, इनोवेशन और आगे का प्लान बताई। इस मौके पर राज्यपाल ने कॉलेजों को निर्देश दिया कि वे एजुकेशन की क्वालिटी सुधारने के लिए नेशनल लेवल की रैंकिंग और मूल्यांकन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पढ़ाई सिर्फ डिग्री लेने तक नहीं होनी चाहिए, बल्कि इससे छात्रों की पर्सनालिटी, हुनर और नौकरी पाने की काबिलियत बढ़नी चाहिए। राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि कॉलेजों में स्किल और जॉब ओरिएंटेड कोर्स, डिजिटल एंड कंप्यूटर ट्रेनिंग को प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेजों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए, लोगों के बीच जाकर काम करना चाहिए और पढ़ाई के साथ-साथ खेल-कूद जैसी दूसरी एक्टिविटीज भी लगातार करानी चाहिए। 32 कॉलेजों के प्रिंसिपल हुए शामिल इस जरूरी मीटिंग में कुल 32 कॉलेजों के प्रिंसिपलों ने हिस्सा लिया और अपने कॉलेज के काम-काज और नई कोशिशों के बारे में जानकारी दी। इन 32 कॉलेजों में 21 एडेड (सरकारी मदद वाले) और 11 राजकीय (पूरी तरह सरकारी) कॉलेज शामिल थे, जिन्होंने यूनिवर्सिटी की साख और क्वालिटी बढ़ाने का भरोसा दिलाया। विश्वविद्यालय के विकास की नई दिशा मिली- कुलपति इस मौके पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने राज्यपाल का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनके सुझावों से यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को आगे बढ़ने का नया रास्ता मिला है। उन्होंने अंत में कहा कि राज्यपाल के नेतृत्व में हम सभी मिलकर शिक्षा के स्तर को और भी ज्यादा ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी मेहनत से काम करेंगे।
2026-04-16 00:48
दिन का पारा 40 डिग्री पर स्थिर, अब अगले तीन दिन तक छाएंगे बादल
सागर| शहर में गर्मी ने अब तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को भी अधिकतम तापमान 40 डिग्री पर स्थिर रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक है। रात के तापमान में हल्की गिरावट आई है। न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री दर्ज किया गया। यह भी सामान्य से 1 डिग्री ज्यादा है। सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण दोपहर में गर्मी ने लोगों को बेहाल किया। हालांकि बीच-बीच में चली ठंडी हवाओं के कारण तापमान में ज्यादा उछाल नहीं आया, लेकिन गर्म हवा का असर देर शाम तक बना रहा। आने वाले 72 घंटों में शहर का मौसम रंग बदलता रहेगा। लोगों को गर्मी और राहत दोनों का मिलाजुला अनुभव होगा। हल्की बारिश की संभावना : मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन अगले तीन दिनों में इसमें बदलाव के संकेत हैं। दक्षिण-पूर्व मध्यप्रदेश से गुजर रही उत्तर-दक्षिण ट्रफ लाइन सागर के आसपास सक्रिय है, जिससे वातावरण में नमी और अस्थिरता बढ़ेगी। इसके चलते दोपहर और शाम के समय स्थानीय बादलों का निर्माण होगा। इससे गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इसके साथ ही 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई गई है।
2026-04-16 00:47
महाकाल के दर्शन करने जा रहीं महापौर की कार पर बरसाई रॉड
ग्वालियर| शहर की महापौर डॉ. शोभा सिकरवार पर बुलेट सवार बदमाशों ने हमला कर दिया। बदमाशों ने उनकी कार पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे गाड़ी के कांच टूट गए। हमले में महापौर और उनका परिवार बाल-बाल बच गया। घटना उज्जैन और मक्सी के बीच हुआ। महापौर डॉ. शोभा सिकरवार सोमवार रात परिवार के साथ बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन जा रही थीं। उज्जैन और मक्सी के बीच, उज्जैन से करीब 10 किमी दूर उनकी कार पर हमला हुआ। दो बदमाश बुलेट पर सवार होकर आए और उन्होंने कार को निशाना बनाते हुए रॉड से हमला कर दिया। हमले के बाद दोनों आरोपी मौके से भाग निकले। महापौर ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की है। पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है और हमले के कारणों की जांच कर रही है।
2026-04-16 00:46
यूनिपोल का ‘जाल’:शास्त्री ब्रिज पर ही 12 होर्डिंग, कितने वैध-अवैध निगम को पता नहीं
शहर में यूनिपोल और होर्डिंग्स का जाल लगातार फैलता जा रहा है। शास्त्री ब्रिज पर ही 10-12 बड़े होर्डिंग्स लगे हुए हैं। सबसे खास बात यह है कि शहर में कितने वैध और किसने अवैध होर्डिंग्स हैं, इसके बारे में निगम को ही नहीं पता है। कोर्ट की फटकार के बाद सर्वे का काम शुरू तो हुआ, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इसी बीच स्मार्ट सिटी कंपनी ने भी एलईडी स्क्रीन लगाई है, जिस पर विज्ञापन दिखता है। बताया जा रहा है कि इसके टेंडर की भी समय सीमा पहले ही पूरी हो चुकी है। इधर, शहर में 5-6 हजार एलईडी स्क्रीन और लगाने की तैयारी है। वहीं हवा-आंधी में हमेश यूनिपोल गिरने की आशंका बनी रहती है। इसकी भी कोई तैयारी नहीं है। शहर में कहीं छोटे तो कहीं बड़े यूनिपोल खड़े हो चुके हैं, लेकिन निगम का मार्केट विभाग इस पर कोई ठोस निगरानी नहीं कर रहा। जेंट्री गेट अब नेताओं के प्रचार का माध्यम बन चुके हैं। कुछ साल पहले शहर की सुंदरता के नाम पर होर्डिंग्स हटाए गए थे, लेकिन अब फिर से डिवाइडर, साइकिल स्टैंड और चार्जिंग स्टेशनों तक बड़े विज्ञापन बोर्ड खड़े हो गए हैं। पोल और डिवाइडर भी नहीं बचे निगम अब अपने साढ़े छह हजार पोल पर भी एलईडी लगाने की तैयारी में है। इसके लिए चार करोड़ सालाना का ठेका प्रस्तावित है। हाल ही में 10 सड़कों के डिवाइडर पर 300 से ज्यादा ‘लॉलीपॉप’ लगाने का ठेका 1.65 करोड़ में दिया है। अगर डिवाइडर पर भी एलईडी लगती हैं तो वहां चलने की जगह और कम हो जाएगी। एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर ने अवैध होर्डिंग, यूनिपोल और टेंडर घोटाले का आरोप खुद की निगम पर ही लगाया था। 44 जेंट्री गेट और 3 पुल का ठेका दो साल पहले ही खत्म हो चुका, मुफ्त में विज्ञापन शहर में अब 5 से 6 हजार एलईडी स्क्रीन लगाने की तैयारी है। हद यह है कि खुद एमआईसी ने इसे मंजूरी दी है, जबकि एमआईसी सदस्य शहर में हो रहे विज्ञापन को लेकर विरोध भी दर्ज करवा रहे हैं। नगर निगम के 44 जेंट्री गेट और 3 पैदल पुलों का ठेका दो साल पहले खत्म हो चुका है। इसके बाद से यहां मुफ्त में विज्ञापन हो रहा है। दो बार टेंडर निकाले, लेकिन शर्तें इतनी जटिल और राशि इतनी ज्यादा रखी गई कि कोई ठेकेदार आगे नहीं आया। अब तीसरा टेंडर जारी किया गया है, जिसमें साढ़े छह करोड़ रुपए की मांग रखी गई है। नियम अनुसार डिवाइडर और फुटपाथ पर होर्डिंग/विज्ञापन बोर्ड लगाना प्रतिबंधित मप्र नगर निगम अधिनियम तथा मप्र आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम 2017 के अनुसार डिवाइडर और फुटपाथ पर होर्डिंग/विज्ञापन बोर्ड लगाना प्रतिबंधित है, इसके बावजूद शहर के सेंट्रल डिवाइडर, फुटपाथों, ट्रैफकि सिग्नल के पास, ऐतिहासकि धरोहरों और महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास अवैध यूनिपोल और होर्डिंग लगाकर विज्ञापन चलाए जा रहे हैं। निगम को इस तरह की शकिायतें भी मिली हैं कि दरें 2019 वाली ही लागू रखी गईं, जिससे चार साल की अवधि में लगभग 16 करोड़ रुपए की राजस्व हानि हुई।
2026-04-16 00:40
MMMUT की छात्राओं ने वॉर्डन पर लगाया आरोप:बोलीं- मेरी दोस्त कपड़े चेंज कर रही थी, वो अंदर घुस गए, DM बोले- मामले की जांच होगी
गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बुधवार को छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि पूरे कैंपस में तनाव का माहौल बन गया और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं विरोध प्रदर्शन करने लगे। करीब 10 घंटे तक यूनिवर्सिटी कैंपस में ऐसा ही माहौल बना रहा। अब विस्तार से पढिए पूरा मामला छात्राओं ने चीफ वार्डन वी.के. गिरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का कहना है कि दोपहर करीब 12 बजे TCS के एक कार्यक्रम में जाने को लेकर वार्डन उनके हॉस्टल में जबरन घुस आए। उन्होंने आरोप लगाया कि मना करने के बावजूद वार्डन नहीं माने और जब छात्राओं ने कार्यक्रम में जाने से इनकार कर दिया, तो उन्होंने कमरे को बाहर से लॉक कर दिया। इस घटना के बाद छात्राएं आक्रोशित हो गईं। छात्रों ने वार्डन पर लगाया गंभीर आरोप दैनिक भास्कर से बात करते हुए छात्राओं ने कहा, “आज दोपहर वार्डन हम लोग के हॉस्टल में अचानक घुस गया रूम का दरवाजा और वॉशरूम का दरवाजा पीटने लगे। उसी दौरान एक लड़की अंदर कपड़े चेंज कर रही थी वार्डन उसके रूम में भी घुस गए। हम लोग अपने कॉलेज में ही सेफ नहीं है।” घटना की जानकारी तेजी से पूरे कैंपस में फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे और वार्डन को हटाने की मांग करने लगे। देखते ही देखते हजारों छात्र कैंपस में जमा हो गए, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। छावनी में तब्दील हो गया था पूरा कैंपस हालात को नियंत्रित करने के लिए कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। देखते ही देखते विश्वविद्यालय कैंपस छावनी में तब्दील हो गया। एडीएम सिटी, एसपी सिटी, सीओ कैंट सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने की कोशिश करते रहे। लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनकी मुख्य मांग थी कि वार्डन को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई जाए। शाम होते-होते प्रदर्शन और उग्र हो गया। दोपहर 12 बजे शुरू हुआ विवाद करीब 10 घंटे तक चलता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए रात करीब 9 बजे डीएम और एसएसपी भी विश्वविद्यालय पहुंचे। 2 घंटे चली बैठक के बाद शांत हुआ मामला इसके बाद रात 9:15 बजे से 100 से अधिक छात्रों के साथ बैठक की गई। इस बैठक में अधिकारियों ने एक-एक कर छात्रों की बात सुनी। छात्र लगातार वार्डन को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े रहे। करीब दो घंटे तक चली बातचीत के बाद छात्र शांत हुए। दैनिक भास्कर से बातचीत में डीएम दीपक मीणा ने कहा- देखिए ये कोई प्रोटेस्ट नहीं था। उनकी मांग को सुना गया मैने उन सबको आश्वस्त किया कि इस घटना की जांच कमेटी करेगी। कमेटी की रिपोर्ट के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिसपर सभी छात्रों की सहमति बनी है।
2026-04-16 00:37
सर्प विशेषज्ञ डॉ. इंगले को वन्यजीव व पर्यावरण संरक्षण के लिए 2 पुरस्कार
सरीसृप (सांप) विशेषज्ञ डॉ. मुकेश इंगले को नई दिल्ली के जनकपुरी में आयोजित कार्यक्रम में संरक्षण कार्यों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। उन्हें इंटरनेशनल बिजनेस एंड एजुकेशन अवार्ड्स 2026 के तहत वन्यजीव संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान पुरस्कार और नेशनल एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026 के तहत पर्यावरणीय संरक्षण पुरस्कार दिया गया। डॉ. इंगले को सांपों और अन्य सरीसृप के संरक्षण, शोध, सांप काटने से बचाव और जैव विविधता संरक्षण में किए कार्यों के लिए यह मान्यता मिली। उन्होंने 25 वर्षों से अधिक समय में 30 से ज्यादा परियोजनाओं का नेतृत्व किया। उन्होंने 10 से अधिक पुस्तकें लिखीं। उन्होंने 5,000 से अधिक हित धारकों को प्रशिक्षण दिया और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए 5 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई। समारोह में सुरेश रैना, मदन लाल मौजूद रहे। जानकारी रणजीत जारवाल ने दी।
2026-04-16 00:37
मॉस्को के त्सारित्सिनो पैलेस में अरुण ने तबला प्रस्तुति दी, सभी ने सराहा
उज्जैन | रूस की राजधानी मॉस्को में त्सारित्सिनो पैलेस के ग्रैंड रॉयल कैथरीन हॉल में तबला वादक अरुण कुशवाह ने प्रस्तुति देकर शहर का मान बढ़ाया। इंडिया द फैब्रिक ऑफ टाइम एग्जिबिशन के समापन पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने सितार वादक तरुण धामी के साथ नाद-संवाद की प्रस्तुति दी। यह आयोजन जवाहरलाल नेहरू कल्चरल सेंटर, मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास और त्सारित्सिनो म्यूजियम-रिजर्व के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। अरुण वर्तमान में आईसीसीआर के जवाहरलाल नेहरू कल्चरल सेंटर और मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में तबला शिक्षक व कलाकार के रूप में कार्यरत हैं। वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।