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राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी समेत 12 पर केस वापस:जौनपुर में 2017 के आचार संहिता उल्लंघन मामले में कोर्ट ने किया दोषमुक्त
2026-04-16 02:36
राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी समेत 12 पर केस वापस:जौनपुर में 2017 के आचार संहिता उल्लंघन मामले में कोर्ट ने किया दोषमुक्त
राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी और 11 अन्य के खिलाफ दर्ज आचार संहिता उल्लंघन का एक मुकदमा वापस ले लिया गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय अनुज कुमार जौहर की अदालत ने सरकारी वकील के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। यह मामला 2017 का था। यह मामला 7 मार्च 2017 को पवारा थाने में दर्ज किया गया था। हेड कांस्टेबल दीपचंद राम ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी सीमा द्विवेदी भगौती चौराहा पर चार वाहनों से चुनाव प्रचार कर रही थीं, जो आचार संहिता का उल्लंघन था। राज्यपाल की ओर से इस मुकदमे को वापस लेने की अनुमति दी गई थी। सरकारी वकील ने अपने प्रार्थना पत्र में तर्क दिया कि इस मामले से समाज के हित पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा और राज्यहित में केस वापस लेना आवश्यक है। अदालत ने जनहित, न्याय हित और शासन के पत्र के आलोक में केस वापस लेने के प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में आचार संहिता उल्लंघन का आरोप पत्र दाखिल किया था और चार गवाहों के बयान दर्ज किए थे। हालांकि, जांच में यह सामने आया कि सीमा द्विवेदी मौके पर मौजूद नहीं थीं और चुनाव प्रचार से संबंधित कोई सामग्री भी नहीं मिली थी। घटना की वीडियोग्राफी भी नहीं कराई गई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 10 अगस्त 2021 को एक आदेश जारी किया था, जिसके अनुपालन में हाईकोर्ट में पंजीकृत सुओ मोटू रिट याचिका पर सुनवाई हुई। इसके बाद, इलाहाबाद हाईकोर्ट से 22 जनवरी 2026 को मुकदमा वापस लेने की अनुमति प्राप्त हुई।
बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प, लाठीचार्ज:BJP विधायक की गाड़ी को रोका, कांग्रेस MLA को कार्यक्रम में नहीं बुलाने से भड़के समर्थक
2026-04-16 02:33
बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प, लाठीचार्ज:BJP विधायक की गाड़ी को रोका, कांग्रेस MLA को कार्यक्रम में नहीं बुलाने से भड़के समर्थक
चूरू के सुजानगढ़ में विकास कार्यों के अनावरण के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इस दौरान धक्का-मुक्की के साथ हाथापाई भी हुई। अनावरण पट्टिका में स्थानीय विधायक मनोज मेघवाल का नाम नहीं होने और उनको कार्यक्रम में नहीं बुलाए जाने की जानकारी मिलते ही कार्यकर्ता गुस्सा गए। कार्यकर्ताओं ने अनावरण पट्टिका को तोड़ा डाला। घटना बुधवार रात 9:45 बजे की है। बुधवार शाम 7:30 बजे सुजानगढ़ के एन.के लोहिया स्टेडियम में टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता हो रही थी। साथ ही स्टेडिमय में हुए विकास कार्यों का अनावरण किया जा रहा था। कार्यक्रम में चूरू विधायक हरलाल सहारण, बीजेपी जिला महामंत्री पराक्रम सिंह राठौड़, स्थानीय बीजेपी नेता कमल दाधीच समेत बीजेपी के कई नेता मौजूद थे। इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता सामने आ गए। काले झंडे लेकर घुसे कांग्रेस कार्यकर्ता बुधवार रात 9:45 बजे स्टेडियम के गेट के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता काले झंडे लेकर इकठ्ठे हुए। इस दौरान बीजेपी नेता कमल दाधीच और बीजेपी के कार्यकर्ता उनसे भिड़ गए। दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की के साथ हाथापाई तक हो गई। मामला बढ़ता देख पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया। बीजेपी कार्यकर्ताओं को स्टेडियम के अंदर कर गेट बंद कर दिया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बाहर ही रोक लिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनावरण पट्टिका को ही तोड़ डाला। चूरू विधायक की गाड़ी को रोका थोड़ी देर बाद जब चूरू विधायक हरलाल सहारण गणेश मंदिर के आगे स्थित गेट से बाहर निकले तो कांग्रेस कार्यकर्ता गाड़ी के आगे आ गए। इस पर विधायक नाराज होकर गाड़ी से उतर गए। इस दौरान एक बार फिर कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। इस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर दोनों पक्षों को खदेड़ा और विधायक को सुरक्षित कार में बैठाया। कांग्रेस विधायक ने बीजेपी पर साधा निशाना मामले को लेकर स्थानीय विधायक मनोज मेघवाल ने कहा- कार्यक्रम की कोई अनुमति नहीं थी। न ही किसी को सूचना दी। बीजेपी के कार्यकर्ताओं का तरीका ठीक नहीं था। हमारे कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जता रहे थे। अनधिकृत लोग कार्यक्रम में थे, जिसकी वजह से पूरी घटना हुई। .... यह खबर भी पढ़िए... RU में RSS के कार्यक्रम का विरोध,NSUI कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज, कार्यकर्ताओं ने स्टेज पर की तोड़फोड़, पुलिस ने 12 प्रदर्शनकारियों को पकड़ा राजस्थान यूनिवर्सिटी में आज शाम RSS के शस्त्र पूजन कार्यक्रम में हंगामा हो गया। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने वाले थे। इस आयोजन का विरोध करते हुए NSUI कार्यकर्ता आयोजन स्थल (स्टेज) पर पहुंच गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। (पढ़ें पूरी खबर)
जौनपुर विश्वविद्यालय में बिना अनुमति प्रदर्शन:6 घंटे के हंगामे पर छात्रों को अनुशासनहीनता का नोटिस जारी, कार्रवाई की चेतावनी
2026-04-16 02:30
जौनपुर विश्वविद्यालय में बिना अनुमति प्रदर्शन:6 घंटे के हंगामे पर छात्रों को अनुशासनहीनता का नोटिस जारी, कार्रवाई की चेतावनी
जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने बिना अनुमति धरना प्रदर्शन करने वाले कई छात्र-छात्राओं को अनुशासनहीनता का नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई 8 अप्रैल को प्रशासनिक भवन में हुए लगभग छह घंटे के प्रदर्शन के बाद की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, छात्रों ने बिना किसी पूर्व अनुमति के प्रशासनिक भवन के अंदर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्रों के इकट्ठा होने से विश्वविद्यालय के सामान्य शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न हुई। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। विश्वविद्यालय का कहना है कि प्रदर्शन की पूरी घटना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। फुटेज की जांच के बाद हंगामा करने और अनुशासनहीनता में शामिल छात्रों की पहचान की गई। इन चिह्नित छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें सात दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विश्वविद्यालय की नियमावली के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह प्रदर्शन विज्ञान और विधि विषयों में अनुत्तीर्ण घोषित हुए छात्र-छात्राओं के मामले को लेकर हुआ था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट किया था कि ऐसे विद्यार्थियों के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे और उनके मामलों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है। इस समिति में विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के परीक्षा विशेषज्ञ शामिल हैं। दरअसल, इंटरनेट मीडिया पर यह सूचना फैल गई थी कि यह प्रक्रिया निशुल्क होगी, जबकि बाद में स्कूटनी के लिए शुल्क जमा करने की बात सामने आई। इसी भ्रम के कारण बड़ी संख्या में छात्र प्रशासनिक भवन पहुंच गए और लगभग छह घंटे तक धरना-प्रदर्शन करते रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन को भी मौके पर बुलाना पड़ा था।
दरभंगा में सम्राट चौधरी के सीएम बनने पर जश्न:बीजेपी विधायक-सांसद ने दी बधाई, बोले- बिहार में विकास का नया दौर शुरू होगा
2026-04-16 02:30
दरभंगा में सम्राट चौधरी के सीएम बनने पर जश्न:बीजेपी विधायक-सांसद ने दी बधाई, बोले- बिहार में विकास का नया दौर शुरू होगा
दरभंगा जिला के बीजेपी कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधियों ने बिहार के नए सीएम सम्राट चौधरी को बधाई दी है। केवटी विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने कहा कि यह बिहार के लिए महत्वपूर्ण क्षण है। जनता को नए नेतृत्व से काफी अपेक्षाएं हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से काम होगा। साथ ही युवाओं को रोजगार, किसानों के हितों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहीं, भाजपा सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और पार्टी नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि कहा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार के विकास का नया दौर शुरू होगा। उनके अनुभव का लाभ अब राज्य को मिलेगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। बिहार तेजी से विकास करेगा भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण चौधरी मन्ना समेत अन्य नेताओं ने भी सम्राट चौधरी को कर्मठ और दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगा। कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार की नीतियों और राज्य सरकार के समन्वय से बिहार तेजी से विकास करेगा। मनीगाछी प्रखंड के ब्रह्मपुर सकरी बाजार में जिला प्रवक्ता रजनीश झा की अध्यक्षता में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। इस दौरान एक-दूसरे को गुलाल लगाकर मिठाइयां बांटी और पटाखे छोड़े गए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सम्राट चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ बिहार को भी विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाएंगे।
वाराणसी में स्मार्ट मीटर के विरोध में उतरे कांग्रेसी:बोले - भाजपा सरकार के संरक्षण में आम जनता पर जबरन थोपा जा रहा प्रीपेड/स्मार्ट मीटर
2026-04-16 02:28
वाराणसी में स्मार्ट मीटर के विरोध में उतरे कांग्रेसी:बोले - भाजपा सरकार के संरक्षण में आम जनता पर जबरन थोपा जा रहा प्रीपेड/स्मार्ट मीटर
वाराणसी समेत पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट/प्रीपेड मीटर के नाम पर हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। वाराणसी महानगर एवं जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में सिगरा स्थित अभियंता वितरण के कार्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के संरक्षण में बिजली विभाग आम जनता पर जबरन प्रीपेड/स्मार्ट मीटर थोप रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिगरा पेट्रोल पंप के समीप महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाल गंगाधर तिलक की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं संकल्प के बाद कांग्रेसी जुलूस के रूप में अभियंता (वितरण) कार्यालय की ओर कूच पहुंचे। जहां प्रदर्शन कर अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। पहले देखिये प्रदर्शन की तीन तस्वीरें ... जबरदस्ती लगाए जा रहे हैं प्रीपेड/स्मार्ट मीटर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा - प्रदेश में बिजली विभाग द्वारा स्मार्ट/प्रीपेड मीटर के नाम पर आम जनता का सुनियोजित आर्थिक शोषण किया जा रहा है। जो पूरी तरह जनविरोधी और असंवेदनशील नीति का परिचायक है। बिना उपभोक्ताओं की सहमति के पुराने मीटर हटाकर जबरन प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। जिससे गरीब, किसान, मजदूर एवं मध्यम वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाय उन्हें असुरक्षा और अनिश्चितता के माहौल में धकेल रही है। सरकार निजी कंपनी को लाभ देने के लिए ऐसा कर रही जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के संरक्षण में निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह नीति लागू की गई है। जबकि आम जनता की समस्याओं और शिकायतों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रीपेड मीटर प्रणाली में लगातार तकनीकी खामियां, गलत बिलिंग और रिचार्ज से जुड़ी परेशानियां सामने आ रही हैं। जिनका समाधान समय पर नहीं हो रहा है। तीन सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन इस दौरान कांग्रेसियों ने अधीक्षण अभियंता को तीन सूत्रीय मांग पात्र सौंपा। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा - हमारी तीन सूत्रीय मांगों में सबसे पहली यह है कि; जबरन लगाए गए प्रीपेड/स्मार्ट मीटर तत्काल हटाए जाएं और पूर्व की व्यवस्था बहाल की जाए। दूसरी नए कनेक्शनों में प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त की जाए। तथा तीसरी मांग है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही इस जनविरोधी नीति को वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी और सड़कों से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
मऊ एसपी ने डायल 112 कार्यालय का किया निरीक्षण:शिकायतों के निस्तारण और अभिलेखों की जांच के दिए निर्देश
2026-04-16 02:27
मऊ एसपी ने डायल 112 कार्यालय का किया निरीक्षण:शिकायतों के निस्तारण और अभिलेखों की जांच के दिए निर्देश
मऊ जिले के पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने जनपद नियंत्रण कक्ष (DCR), डायल 112 कार्यालय और पुलिस रेडियो मेल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, एसपी ने प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया, कॉल रिस्पांस टाइम और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का गहनता से परीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय के अभिलेखों की भी जांच की। 5 तस्वीरें देखिए... पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कॉल अटेंड करने में लापरवाही न बरतने और आमजन से शिष्ट व्यवहार बनाए रखने पर जोर दिया। पुलिस रेडियो मेल कार्यालय के निरीक्षण में, लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई और उनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। एसपी ने अभिलेखों को सुव्यवस्थित रखने और कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
परशुराम जन्मोत्सव की तैयारी, मिर्जापुर में नवयुवकों की बैठक:डॉ. गणेश प्रसाद अवस्थी बोले- यह सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
2026-04-16 02:21
परशुराम जन्मोत्सव की तैयारी, मिर्जापुर में नवयुवकों की बैठक:डॉ. गणेश प्रसाद अवस्थी बोले- यह सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
मिर्जापुर में अक्षय तृतीया पर आयोजित होने वाले परशुराम जयंती समारोह की तैयारियों को लेकर धुंधी कटरा में नवयुवकों की एक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. गणेश प्रसाद अवस्थी ने की, जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में परशुराम जन्मोत्सव के सफल आयोजन की जिम्मेदारी नवयुवकों की टीम को सौंपने का निर्णय लिया गया। इस क्रम में श्रेयश पांडेय को कार्यक्रम प्रभारी नियुक्त किया गया, जबकि दिव्यांश अवस्थी, अभिनव शुक्ला, उदय मिश्रा और परितोष पांडेय को सह-प्रभारी का दायित्व सौंपा गया। इस अवसर पर शिवम दुबे, साहिल तिवारी, सुशील पांडेय, ध्रुव पाठक, निशांत मिश्रा, कार्तिकेय तिवारी, हर्ष देव पांडेय और हर्ष पांडेय सहित बड़ी संख्या में नवयुवक उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। अध्यक्ष डॉ. अवस्थी ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि परशुराम जयंती केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत, परंपरा और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने सभी से इसे भव्य रूप देने के लिए मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया।
ओमप्रकाश राजभर बोले- नोएडा हिंसा में विपक्ष का हाथ:बलिया में सपा और कांग्रेस नेताओं पर सरकार को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप
2026-04-16 02:20
ओमप्रकाश राजभर बोले- नोएडा हिंसा में विपक्ष का हाथ:बलिया में सपा और कांग्रेस नेताओं पर सरकार को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप
बलिया पहुंचे यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने महिला आरक्षण बिल और नोएडा हिंसा को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। बेल्थरारोड में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने सपा और कांग्रेस पर सीधे आरोप लगाए। राजभर ने कहा कि उनकी पार्टी पिछले 24 साल से महिलाओं के आरक्षण की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने संविधान में बराबरी का अधिकार दिया, लेकिन महिलाओं को राजनीति में आरक्षण देने का मुद्दा लंबे समय तक सिर्फ चर्चा में ही रहा। उन्होंने अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए उन्हें महिला विरोधी करार दिया। संसद सत्र में भाग लेने की अपील कैबिनेट मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के प्रयासों से सदन चलाने के लिए 16, 17 और 18 तारीख तय की गई है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे सदन में शामिल होकर अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा की सीटें आरक्षण के आधार पर बढ़ रही हैं, ऐसे में इसका विरोध करने वाले लोग महिलाओं के खिलाफ हैं। ‘अखिलेश ने पत्नी पर टिप्पणी पर भी चुप्पी साधी’ राजभर ने आरोप लगाया कि जब एक मौलाना ने अखिलेश यादव की पत्नी की सुरक्षा को लेकर टिप्पणी की थी, तब उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इससे उनकी महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता पर सवाल उठते हैं। नोएडा हिंसा को बताया साजिश नोएडा हिंसा पर बोलते हुए राजभर ने कहा कि कुछ उपद्रवी सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रमुख सचिव वित्त ने वेतन वृद्धि (13 हजार से बढ़ाकर 16,500 रुपये) की जानकारी पहले ही दे दी थी, इसके बावजूद हिंसा हुई। सपा-कांग्रेस नेताओं पर आरोप राजभर ने दावा किया कि यह घटना पूर्व नियोजित साजिश है, जिसमें समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेता शामिल हैं। हालांकि कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि जांच शुरू हो चुकी है और गिरफ्तारियां भी की जा रही हैं।
न्यायालय आदेश के बावजूद चकमार्ग तोड़ा:प्रतापगढ़ में विरोध पर पीड़ित को दौड़ाकर मारा, 5 के खिलाफ केस दर्ज
2026-04-16 02:16
न्यायालय आदेश के बावजूद चकमार्ग तोड़ा:प्रतापगढ़ में विरोध पर पीड़ित को दौड़ाकर मारा, 5 के खिलाफ केस दर्ज
प्रतापगढ़ में पुलिस ने न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद चकमार्ग को काटकर खेत में मिलाने और विरोध करने पर पीड़ित के साथ मारपीट करने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दिलीपपुर थाना क्षेत्र के मरुआन गांव निवासी अरविंद यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके घर के सामने एक चकमार्ग है। इस चकमार्ग पर न्यायालय का स्थगन आदेश लागू है। आरोप है कि इसके बावजूद आरोपियों ने लगभग छह अन्य लोगों के साथ फावड़ा, कुदाल और गैंता जैसे औजारों का उपयोग कर चकमार्ग को काटकर अपने खेत में मिलाना शुरू कर दिया। जब पीड़ित अरविंद यादव ने इस कार्रवाई का विरोध किया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए उन्हें मारने के लिए दौड़ाया। अरविंद यादव ने किसी तरह घर में छिपकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलने पर यूपी-112 पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस को देखते ही सभी आरोपी वहां से फरार हो गए। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि चकमार्ग को दोबारा क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया गया। पुलिस ने अरविंद यादव की तहरीर के आधार पर मरुआन गांव निवासी नंदलाल यादव उर्फ निरहु, राजमूर्ति यादव उर्फ पप्पू, मोछा, आशुतोष यादव उर्फ सुनील, अभिषेक यादव उर्फ रवि और अंश कुमार यादव उर्फ खुरखुर सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है।