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बुंदेलखंड में बागवानी से किसानों की आय बढ़ी:संयुक्त सचिव ने मॉडल फार्म का निरीक्षण कर आधुनिक तकनीक व सहफसल सराही
2026-04-15 17:16
बुंदेलखंड में बागवानी से किसानों की आय बढ़ी:संयुक्त सचिव ने मॉडल फार्म का निरीक्षण कर आधुनिक तकनीक व सहफसल सराही
बुंदेलखंड क्षेत्र में बागवानी आधारित खेती किसानों के लिए आय का मजबूत साधन बनकर उभरी है। प्रधानमंत्री धन्य धान योजना के तहत जनपद के विकास खंड डकोर में इसका उत्कृष्ट उदाहरण सामने आया है, जहां आधुनिक तकनीकों और सहफसल के प्रयोग से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं योजना के नोडल अधिकारी मानश्वी कुमार ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के साथ ग्राम धमनी बुजुर्ग और कुसमिलिया में किसानों के उद्यानों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसानों द्वारा अपनाई जा रही नवाचार आधारित खेती की सराहना की। ग्राम धमनी बुजुर्ग में कृषक राज राजपूत, शैलेन्द्र राजपूत और माताप्रसाद ने लगभग तीन हेक्टेयर क्षेत्र में आम के उद्यान के साथ ताइवान पिंक अमरूद की सहफसल का सफल प्रयोग किया है। यहां करीब 2000 अमरूद के पौधों के साथ प्रारंभिक वर्षों में मटर (एपी-3) की खेती कर प्रति हेक्टेयर लगभग 20 कुंतल बीज उत्पादन लिया जा रहा है, जिससे किसानों को करीब डेढ़ लाख रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है। जल प्रबंधन के लिए 90 प्रतिशत अनुदान पर टपक सिंचाई और मिनी स्प्रिंकलर प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, तीन वर्षों बाद आम के उद्यान से प्रति हेक्टेयर करीब 60 कुंतल उत्पादन के साथ लगभग 2.40 लाख रुपये की आय संभावित है, जो सात-आठ वर्षों में बढ़कर छह लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक पहुंच सकती है। वहीं, ग्राम कुसमिलिया में कृषक गीतेश राजपूत के थाई एप्पल बेर और आम के मिश्रित उद्यान ने भी आय में निरंतर वृद्धि का उदाहरण प्रस्तुत किया है। यहां पहले वर्ष 50 हजार रुपये से शुरू हुई आय चौथे वर्ष में बढ़कर करीब पांच लाख रुपये तक पहुंच गई है। सहफसल के रूप में मटर से भी अतिरिक्त आय अर्जित हो रही है। संयुक्त सचिव मानश्वी कुमार ने इन सफल मॉडलों को “प्रेरणा केंद्र” के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि छात्र-छात्राएं और अन्य किसान आधुनिक कृषि तकनीकों से प्रेरणा ले सकें। इस दौरान सीडीओ केके सिंह किसान और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
नासिक TCS के बाद अब इस दिग्गज कंपनी पर लगे ‘मिनी पाकिस्तान’ होने के आरोप, धार्मिक पक्षपात का दावा
2026-04-15 15:03
नासिक TCS के बाद अब इस दिग्गज कंपनी पर लगे ‘मिनी पाकिस्तान’ होने के आरोप, धार्मिक पक्षपात का दावा
<p style="text-align: justify;"><a href="https://www.abplive.com/business/tcs-nashik-latest-news-update-on-sexual-harassment-and-conversion-know-the-case-3115692" target="_blank" rel="noopener">टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज</a> (TCS) के नासिक बीपीओ में यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के आरोपों की जांच में नए खुलासों के बीच अब देश की एक और दिग्गज IT कंपनी टेक महिंद्रा के खिलाफ धार्मिक पक्षपात के आरोप सामने आए हैं. TCS मामले में तीन और पीड़ितों के सामने आने के साथ ही सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट वायरल हुई. इस पोस्ट में दावा किया गया कि टेक महिंद्रा ने अपने ऑफिस की पैंट्री को रमजान तक नमाज और इफ्तार के लिए ‘फुटवेयर फ्री जोन’ घोषित कर दिया था.</p> <p style="text-align: justify;">हालांकि, <a href="https://www.abplive.com/business/30000-workers-laid-off-claims-at-tech-mahindra-circulate-on-social-media-company-issues-clarification-3099505" target="_blank" rel="noopener">टेक महिंद्रा</a> ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें गलत और निराधार बताया है. कंपनी ने कहा कि हम ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हैं और आंतरिक जांच में ये दावे गलत और निराधार पाए गए हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>टेक महिंद्रा को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद?</strong></p> <p style="text-align: justify;">दरअसल, टेक महिंद्रा को लेकर यह विवाद तब शुरू हुआ जब बॉम्बे हाई कोर्ट के एक वकील और महाराष्ट्र BJP के लीगल एंड एडवाइजरी विभाग के प्रमुख आशुतोष दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई के गोरेगांव स्थित टेक महिंद्रा के ऑफिस में त्योहारों के दौरान असमान नीतियां अपनाई जाती हैं और धार्मिक पक्षपात किया जाता है.</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en">Received a concerning message from an employee at a Tech Mahindra BPO in Goregaon, alleging biased hiring practices, unequal workplace policies, and religious favoritism during festivals.<br /><br />If true, this raises serious questions about corporate neutrality and fair work culture.... <a href="https://t.co/r7bRimczzk">pic.twitter.com/r7bRimczzk</a></p> — ADV. ASHUTOSH J. DUBEY 🇮🇳 (@AdvAshutoshBJP) <a href="https://twitter.com/AdvAshutoshBJP/status/2043284721896227137?ref_src=twsrc%5Etfw">April 12, 2026</a></blockquote> <p> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en">Received Instagram DM of girl employee: At Tech Mahindra office, pantry declared “Footwear-Free Zone” till Ramzan for prayers & iftar.<br /><br />Colleagues asked to follow it in the name of “unity”.<br /><br />Question is simple: Is workplace policy now religion-based, or should it remain neutral... <a href="https://t.co/pL1u3l79f7">pic.twitter.com/pL1u3l79f7</a></p> — ADV. ASHUTOSH J. DUBEY 🇮🇳 (@AdvAshutoshBJP) <a href="https://twitter.com/AdvAshutoshBJP/status/2043316999389167659?ref_src=twsrc%5Etfw">April 12, 2026</a></blockquote> <p> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि यह मैसेज उन्हें कंपनी के एक गुमनाम कर्मचारी ने भेजा था. दुबे की ओर से शेयर किए गए पोस्ट में कथित कर्मचारी ने दावा किया कि कंपनी के गोरेगांव कैंपस में मिनी पाकिस्तान जैसा माहौल है. इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट किया, जिसमें तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित ऑफिस को लेकर भी इसी तरह के आरोप लगाए गए. उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में एक अन्य कंपनी कर्मचारी का इंस्टाग्राम पोस्ट साझा किया, जिसमें ऑफिस की पैंट्री को रमजान तक नमाज और इफ्तार के लिए ‘फुटवेयर फ्री जोन’ घोषित किए जाने की बात कही गई.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मिनी पाकिस्तान के आरोपों पर कंपनी की प्रतिक्रिया</strong></p> <p style="text-align: justify;">सोशल मीडिया पर इस विवाद के सामने आने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए टेक महिंद्रा के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘हाल ही में सोशल मीडिया पर टेक महिंद्रा में धार्मिक पक्षपात के आरोप लगाए गए हैं. हम ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हैं और आंतरिक जांच में ये दावे गलत और निराधार पाए गए. ‘फुटवियर फ्री जोन’ वाली जो तस्वीर वायरल हो रही है, वो हमारे किसी भी ऑफिस की नहीं है और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा गुमनाम पोस्ट भी झूठा है.’</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने आगे कहा, ‘टेक महिंद्रा में हम एक समावेशी और सम्मानजनक वर्कप्लेस बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहां हर व्यक्ति के साथ धार्मिक भेदभाव या अन्य तरह के भेदभाव के बिना गरिमा और निष्पक्षता के साथ व्यवहार किया जाता है. हम अपनी नीतियों और प्रक्रियाओं की लगातार समीक्षा करते रहेंगे, ताकि हमारे वैल्यूज का पालन सुनिश्चित हो सके और किसी भी प्रकार का दबाव या अनुचित व्यवहार न हो.’</p> <p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/3YBYjVz__L4?si=GzDua2zJF1uK5Srd" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.abplive.com/states/bjp-rss-chief-minister-in-hindi-states-up-mp-bihar-yogi-adityanath-samrat-chaudhary-mohan-yadav-3115765">Explained: सम्राट चौधरी 'बाहरी नेता', मोहन यादव के दिल में बसता संघ! हिंदी राज्यों में BJP-RSS का CM पैटर्न क्या?</a><br /></strong></p>
डीबी अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय लैब साइंस डे मनाया गया:माइक्रोस्कोप आविष्कारक जकारिया जेन्सन को दी श्रद्धांजलि
2026-04-15 14:11
डीबी अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय लैब साइंस डे मनाया गया:माइक्रोस्कोप आविष्कारक जकारिया जेन्सन को दी श्रद्धांजलि
चूरू के डीबी अस्पताल की केंद्रीय प्रयोगशाला में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय लैब साइंस डे मनाया गया। यह दिवस लैब टेक्नीशियन डे के रूप में भी जाना जाता है, जो माइक्रोस्कोप के आविष्कारक जकारिया जेन्सन की स्मृति को समर्पित है। इस अवसर पर प्रयोगशाला स्टाफ ने चिकित्सा क्षेत्र में लैब तकनीशियनों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में लैब प्रभारी डॉ. महिन ने कहा कि सही जांच और रिपोर्ट के बिना किसी भी बीमारी का सटीक उपचार संभव नहीं है। उन्होंने लैब तकनीशियनों को स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। डॉ. संतोष शर्मा, डॉ. अंकिता सैनी और डॉ. श्वेता सुभाष राजपुरोहित ने भी आधुनिक जांच तकनीकों और सटीक निदान के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान जब्बार खान ने जकारिया जेन्सन के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि माइक्रोस्कोप के आविष्कार से कीटाणुओं और उनसे होने वाली बीमारियों की पहचान संभव हो सकी, जिससे चिकित्सा विज्ञान को नई दिशा मिली। अभिषेक जांगिड़ ने भी लैब तकनीशियनों की भूमिका को अहम बताया। कार्यक्रम में जब्बार खान, अभिषेक जांगिड़, भागीरथ, समसिंह, रविना बुडानिया, सुनील कुमार, आयुष, आश्रित, हर्षवर्धन, निशाबाला, सुरेंद्र, सरफराज, गजानन और सोनिया सहित कई स्टाफ सदस्य मौजूद थे। अंत में सभी ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समर्पित होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
अयोध्या में 1.82 करोड़ की लागत से बनेगी हाईटेक नर्सरी:हरित विकास को मिलेगी नई रफ्तार, तकनीक से तैयार होंगे उच्च गुणवत्ता के पौधे
2026-04-15 13:55
अयोध्या में 1.82 करोड़ की लागत से बनेगी हाईटेक नर्सरी:हरित विकास को मिलेगी नई रफ्तार, तकनीक से तैयार होंगे उच्च गुणवत्ता के पौधे
अयोध्या में नगर निगम की पहल पर 1.82 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक हाईटेक नर्सरी का निर्माण किया जाएगा। कुशमाहा क्षेत्र में प्रस्तावित यह नर्सरी पर्यावरण संरक्षण, शहर सौंदर्यीकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह परियोजना योगी आदित्यनाथ के हरित विकास विजन को भी नई ऊर्जा देगी। हाईटेक नर्सरी में पॉलिहाउस और उन्नत कृषि तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। यहां स्वचालित सिंचाई प्रणाली, तापमान नियंत्रण, आर्द्रता प्रबंधन और बीज प्रसंस्करण की आधुनिक इकाइयां स्थापित होंगी। इससे रोग प्रतिरोधी, तेज़ी से बढ़ने वाले और उच्च गुणवत्ता वाले पौधों का उत्पादन संभव होगा। नर्सरी में देसी और विदेशी प्रजातियों के फलदार, फूलदार, सजावटी पौधों के साथ-साथ औषधीय जड़ी-बूटियां और छायादार वृक्ष भी तैयार किए जाएंगे। किसानों और बागवानों को मिलेगा सीधा लाभ इस पहल से स्थानीय किसानों और बागवानों को उन्नत किस्म के पौधे आसानी से उपलब्ध होंगे। इससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी और आय में भी इजाफा होगा। प्रशिक्षित स्टाफ पौधों की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा, जिससे बाजार में बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। नर्सरी को केवल उत्पादन केंद्र ही नहीं, बल्कि एक आकर्षक इको-पार्क के रूप में भी विकसित किया जाएगा। यहां लैंडस्केपिंग, वॉकवे, साइनेज और बैठने की सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि पर्यटक और श्रद्धालु प्रकृति के बीच समय बिताने के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूक हो सकें। नर्सरी में तैयार पौधों की बिक्री से नगर निगम की आय बढ़ेगी। यह आय शहर के अन्य विकास कार्यों में उपयोग की जाएगी, जिससे अयोध्या के समग्र विकास को गति मिलेगी। युवाओं को मिलेगी उद्यमिता की प्रेरणा नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के अनुसार, यह हाईटेक नर्सरी न केवल शहर के सौंदर्य को बढ़ाएगी बल्कि युवाओं को कृषि और बागवानी आधारित उद्यमिता की ओर भी प्रेरित करेगी। परियोजना में सोलर ऊर्जा और जल संरक्षण जैसी पर्यावरण मित्र तकनीकों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। कुल मिलाकर, यह हाईटेक नर्सरी अयोध्या को “ग्रीन सिटी” बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी, जहां विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ेंगे।
क्या है Emergency SOS फीचर? जानिए कैसे मुश्किल समय में आता है काम और क्या है फोन में सेटअप का तरीका
2026-04-15 13:25
क्या है Emergency SOS फीचर? जानिए कैसे मुश्किल समय में आता है काम और क्या है फोन में सेटअप का तरीका
<p style="text-align: justify;"><strong>Emergency SOS Feature:</strong> आज के स्मार्टफोन सिर्फ कॉल और इंटरनेट तक सीमित नहीं हैं बल्कि ये हमारी सुरक्षा का भी अहम हिस्सा बन चुके हैं. Emergency SOS एक ऐसा फीचर है जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने के लिए बनाया गया है. इस फीचर की मदद से आप कुछ ही सेकंड में अपने चुने हुए कॉन्टैक्ट्स या इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट भेज सकते हैं. अधिकतर स्मार्टफोन्स में यह सुविधा पहले से मौजूद होती है चाहे आप Android फोन इस्तेमाल करते हों या iOS डिवाइस.</p> <h2 style="text-align: justify;">मुश्किल समय में कैसे करता है काम?</h2> <p style="text-align: justify;">Emergency SOS फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बिना फोन अनलॉक किए भी काम करता है. जैसे ही आप पावर बटन को कई बार तेजी से दबाते हैं या एक खास बटन कॉम्बिनेशन इस्तेमाल करते हैं फोन तुरंत अलर्ट भेज देता है. इस अलर्ट में आपकी लोकेशन, मैसेज और कभी-कभी ऑटोमैटिक कॉल भी शामिल होती है.</p> <p style="text-align: justify;">इससे आपके परिवार या दोस्त तुरंत समझ जाते हैं कि आप किसी परेशानी में हैं और आपकी लोकेशन के आधार पर मदद पहुंचा सकते हैं. यह फीचर खासतौर पर महिलाओं, बुजुर्गों और उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है जो अक्सर अकेले सफर करते हैं.</p> <h2 style="text-align: justify;">फोन में Emergency SOS कैसे सेट करें?</h2> <h3 style="text-align: justify;">Android फोन में सेटअप</h3> <p style="text-align: justify;">अगर आप <a href="https://www.abplive.com/technology/tempered-glass-be-sure-to-keep-these-5-things-in-mind-before-getting-tempered-glass-installed-on-your-phone-3111447">Android</a> स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं तो सेटिंग्स में जाकर Safety & Emergency या Emergency SOS विकल्प खोजें. इसके बाद Emergency Contacts में जाकर उन लोगों के नंबर जोड़ें जिन्हें आप इमरजेंसी में सूचना देना चाहते हैं. कुछ फोन में आपको यह भी विकल्प मिलता है कि पावर बटन को 3-5 बार दबाने पर SOS एक्टिव हो जाए. इसे ऑन करना न भूलें.</p> <h3 style="text-align: justify;">iPhone में सेटअप</h3> <p style="text-align: justify;">अगर आप iPhone इस्तेमाल करते हैं तो सेटिंग्स में Emergency SOS विकल्प पर जाएं. यहां आप Emergency Contacts जोड़ सकते हैं और Call with Side Button या Auto Call फीचर को ऑन कर सकते हैं. इसके बाद जरूरत पड़ने पर साइड बटन और वॉल्यूम बटन को एक साथ दबाकर SOS एक्टिव किया जा सकता है.</p> <h2 style="text-align: justify;">किन बातों का रखें ध्यान?</h2> <p style="text-align: justify;">Emergency SOS फीचर को सेट करते समय सही और भरोसेमंद कॉन्टैक्ट्स ही जोड़ें. साथ ही समय-समय पर यह चेक करते रहें कि फीचर ठीक से काम कर रहा है या नहीं. इसके अलावा, अपने परिवार के लोगों को भी इस फीचर के बारे में जानकारी दें ताकि वे जरूरत पड़ने पर इसका सही इस्तेमाल कर सकें.</p> <h2 style="text-align: justify;">क्यों जरूरी है यह फीचर?</h2> <p style="text-align: justify;">आज के समय में सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है. ऐसे में Emergency SOS फीचर एक छोटा लेकिन बेहद जरूरी टूल साबित होता है. यह आपको मुश्किल हालात में अकेला नहीं रहने देता और कुछ ही सेकंड में मदद तक पहुंचने का रास्ता आसान बना देता है. अगर आपने अभी तक अपने फोन में Emergency SOS सेट नहीं किया है तो इसे आज ही एक्टिव करें. क्योंकि संकट कभी भी आ सकता है लेकिन तैयारी पहले से होनी चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/photo-gallery/technology/should-you-restart-your-phone-daily-or-once-a-month-know-the-right-time-tech-tips-3115103">Tech Tips: फोन रोज रीस्टार्ट करें या महीने में एक बार? सही टाइम जान लिया तो स्पीड होगी दोगुनी</a></strong></p>
Vivo T5 Pro बनाम Vivo T4 Pro: देखें दोनों का अंतर; प्राइस, कैमरा, बैटरी और डिस्प्ले की तुलना
2026-04-15 12:57
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Google Chrome पर एक गलत क्लिक और आपका सारा डेटा खतरे में! सरकार की चेतावनी ने बढ़ाई टेंशन
2026-04-15 12:26
Google Chrome पर एक गलत क्लिक और आपका सारा डेटा खतरे में! सरकार की चेतावनी ने बढ़ाई टेंशन
<p style="text-align: justify;"><strong>Google Chrome Users at Risk:</strong> अगर आप रोजाना Google Chrome का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. भारत सरकार ने <a href="https://www.abplive.com/technology/government-has-issued-a-warning-for-users-running-google-chrome-on-desktop-take-this-immediate-action-3108918">Chrome</a> यूजर्स के लिए एक गंभीर सुरक्षा चेतावनी जारी की है जिसमें बताया गया है कि एक छोटी सी गलती भी आपके निजी डेटा को खतरे में डाल सकती है.</p> <h2 style="text-align: justify;">किसने जारी की चेतावनी?</h2> <p style="text-align: justify;">यह चेतावनी Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In) द्वारा जारी की गई है जो इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है. एजेंसी ने इसे हाई सीवेरिटी यानी गंभीर खतरे वाली समस्या बताया है.</p> <h2 style="text-align: justify;">क्या है असली खतरा?</h2> <p style="text-align: justify;">रिपोर्ट के अनुसार, Google Chrome में कई सुरक्षा खामियां पाई गई हैं जिनका फायदा उठाकर हैकर्स आपके सिस्टम में घुस सकते हैं. वे आपके कंप्यूटर पर कंट्रोल हासिल कर सकते हैं, जरूरी जानकारी चुरा सकते हैं या सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं. सबसे चिंताजनक बात यह है कि हैकर्स आपको किसी गलत लिंक पर क्लिक करने या खतरनाक वेबसाइट खोलने के लिए फंसा सकते हैं और बस एक क्लिक से ही आपका डेटा जोखिम में आ सकता है.</p> <h2 style="text-align: justify;">कैसे हो सकता है नुकसान?</h2> <p style="text-align: justify;">अगर इन कमजोरियों का फायदा उठाया गया, तो हैकर्स आपके सेव किए गए पासवर्ड, पर्सनल जानकारी और अन्य संवेदनशील डेटा तक पहुंच सकते हैं. इसके अलावा वे आपके ब्राउजर या पूरे सिस्टम को क्रैश भी कर सकते हैं. यह खतरा खासतौर पर उन लोगों के लिए ज्यादा है जो Chrome का इस्तेमाल बैंकिंग, ऑफिस वर्क या निजी कामों के लिए करते हैं.</p> <h2 style="text-align: justify;">समस्या कहां है?</h2> <p style="text-align: justify;">ये सुरक्षा खामियां Chrome के अलग-अलग हिस्सों से जुड़ी हैं जैसे वेब कंटेंट, मीडिया प्रोसेसिंग और बैकग्राउंड सिस्टम. हालांकि तकनीकी भाषा थोड़ी जटिल है लेकिन आसान शब्दों में समझें तो पुराने वर्जन का Chrome सुरक्षित नहीं है.</p> <h2 style="text-align: justify;">कौन-से यूजर्स हैं ज्यादा खतरे में?</h2> <p style="text-align: justify;">अगर आपका Google Chrome अपडेट नहीं है और आप पुराना वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप पहले से ही जोखिम में हो सकते हैं. Windows, macOS और Linux तीनों प्लेटफॉर्म पर यह समस्या देखी गई है.</p> <h2 style="text-align: justify;">बचाव कैसे करें?</h2> <p style="text-align: justify;">अच्छी बात यह है कि इस समस्या का समाधान जारी कर दिया गया है. आपको बस अपना Chrome ब्राउजर तुरंत अपडेट करना है. नियमित रूप से अपडेट करने से आप ऐसे खतरों से बच सकते हैं.</p> <h2 style="text-align: justify;">Chrome अपडेट करने का आसान तरीका</h2> <ul style="text-align: justify;"> <li>सबसे पहले अपने कंप्यूटर में Chrome खोलें.</li> <li>ऊपर दाईं ओर दिए गए तीन डॉट्स पर क्लिक करें.</li> <li>Settings में जाएं और About Chrome विकल्प खोलें.</li> <li>यहां Chrome खुद ही नए अपडेट को चेक करके इंस्टॉल कर लेगा.</li> <li>इसके बाद Restart पर क्लिक करें ताकि अपडेट पूरी तरह लागू हो जाए.</li> </ul> <p style="text-align: justify;">थोड़ी सी सावधानी और समय पर अपडेट करके आप अपने डेटा को सुरक्षित रख सकते हैं. इसलिए अगली बार कोई भी लिंक खोलने से पहले सोचें क्योंकि एक गलत क्लिक बड़ा नुकसान कर सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/photo-gallery/technology/should-you-restart-your-phone-daily-or-once-a-month-know-the-right-time-tech-tips-3115103">Tech Tips: फोन रोज रीस्टार्ट करें या महीने में एक बार? सही टाइम जान लिया तो स्पीड होगी दोगुनी</a></strong></p>
Vivo के ‘जबड़ कैमरा’ फोन से फोटो लेते दिखे ‘श्रेयस अय्यर’..देखें किस दिन है लॉन्च
2026-04-15 11:07
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Upcoming Foldable Smartphones: iPhone Fold से लेकर Samsung Z Fold 8 तक, भारत में जल्द लॉन्च होंगे ये 5 धांसू डिवाइस
2026-04-15 11:02
Upcoming Foldable Smartphones: iPhone Fold से लेकर Samsung Z Fold 8 तक, भारत में जल्द लॉन्च होंगे ये 5 धांसू डिवाइस
<p style="text-align: justify;"><strong>Upcoming Foldable Smartphones:</strong> अब फोल्डेबल स्मार्टफोन सिर्फ एक्सपेरिमेंट नहीं रहे बल्कि टेक कंपनियों के बीच सबसे बड़ी टक्कर का मैदान बनते जा रहे हैं. <a title="साल 2026" href="https://www.abplive.com/topic/new-year-2026" data-type="interlinkingkeywords">साल 2026</a> खास तौर पर काफी रोमांचक होने वाला है क्योंकि कई बड़े ब्रांड अपने नए और एडवांस फोल्डेबल डिवाइस लॉन्च करने की तैयारी में हैं. इस रेस में Samsung से लेकर Apple तक शामिल हैं.</p> <h2 style="text-align: justify;">Samsung Galaxy Z Fold 8 और Z Fold 8 Wide</h2> <p style="text-align: justify;">फोल्डेबल सेगमेंट में Samsung एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत करने वाला है. कंपनी इस बार दो नए बुक-स्टाइल फोल्डेबल लॉन्च कर सकती है Galaxy Z Fold 8 और एक नया वेरिएंट Z Fold 8 Wide. Galaxy Z Fold 8 में इस बार 5000mAh की बड़ी बैटरी मिलने की उम्मीद है जो पिछले कई सालों में एक बड़ा अपग्रेड माना जा रहा है. साथ ही S Pen सपोर्ट की वापसी की भी चर्चा है.</p> <p style="text-align: justify;">वहीं Z Fold 8 Wide एक अलग डिजाइन के साथ आ सकता है. इसमें करीब 5.4 इंच का कवर डिस्प्ले और 7.6 इंच की बड़ी इनर स्क्रीन मिल सकती है. दोनों फोन में पावरफुल Snapdragon 8 Elite Gen 5 for Galaxy प्रोसेसर और 45W फास्ट चार्जिंग मिलने की संभावना है. इनकी लॉन्चिंग जुलाई में Galaxy Unpacked इवेंट में हो सकती है.</p> <h2 style="text-align: justify;">Vivo X Fold 6</h2> <p style="text-align: justify;">Vivo भी इस रेस में पीछे नहीं है. Vivo X Fold 6 को लेकर खबर है कि इसमें 200MP का दमदार प्राइमरी कैमरा दिया जा सकता है जो OIS के साथ आएगा.</p> <p style="text-align: justify;">इसके अलावा 50MP का टेलीफोटो लेंस भी मिलने की उम्मीद है जिससे यह फोन फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए खास बन सकता है. माना जा रहा है कि यह डिवाइस जुलाई 2026 के आसपास ग्लोबली लॉन्च हो सकता है.</p> <h2 style="text-align: justify;">Google Pixel 11 Pro Fold</h2> <p style="text-align: justify;">Google भी अपने नए फोल्डेबल Pixel 11 Pro Fold के साथ मार्केट में एंट्री को और मजबूत करने जा रहा है. लीक हुई इमेजेस के अनुसार, इसमें नया डिजाइन और ट्रिपल कैमरा सेटअप देखने को मिल सकता है. यह फोन Google के 3nm Tensor G6 चिपसेट पर काम कर सकता है जिससे परफॉर्मेंस और AI क्षमताओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा. इसकी लॉन्चिंग अगस्त 2026 में होने की संभावना है.</p> <h2 style="text-align: justify;">Apple iPhone Fold</h2> <p style="text-align: justify;">फोल्डेबल सेगमेंट में सबसे ज्यादा चर्चा Apple के <a href="https://www.abplive.com/technology/apple-first-foldable-iphone-from-design-to-price-know-everything-before-the-launch-3111065">iPhone Fold</a> को लेकर है. माना जा रहा है कि यह सितंबर 2026 में iPhone 18 Pro सीरीज के साथ लॉन्च हो सकता है. इसमें करीब 7.8 इंच की मेन स्क्रीन और 5.5 इंच की बाहरी डिस्प्ले मिल सकती है.</p> <p style="text-align: justify;">साथ ही इसमें A20 चिप दी जा सकती है जो इसे बेहद पावरफुल बनाएगी. खास बात यह है कि Apple इसमें Touch ID को पावर बटन में वापस ला सकता है. कीमत की बात करें तो यह प्रीमियम सेगमेंट में आएगा और इसकी कीमत लगभग 2 लाख रुपये से ऊपर जा सकती है.</p> <h2 style="text-align: justify;">फोल्डेबल मार्केट में बढ़ती टक्कर</h2> <p style="text-align: justify;">2026 फोल्डेबल स्मार्टफोन के लिए एक बड़ा साल बनने जा रहा है. Samsung, Vivo, Google और Apple जैसे दिग्गज ब्रांड इस सेगमेंट को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं. आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन-सा फोल्डेबल फोन यूजर्स का दिल जीतता है और कौन मार्केट में बाजी मारता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/photo-gallery/technology/how-long-is-your-phone-s-charging-cable-major-difference-between-iphone-and-android-tech-tips-3114663">Tech Tips: आपके फोन की चार्जिंग केबल कितनी लंबी है? iPhone और Android में छिपा है बड़ा फर्क, जानकर रह जाएंगे हैरान</a></strong></p>