छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य में करंट लगने से हो रही वन्यजीवों की मौतों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य में करंट लगने से हो रही वन्यजीवों की लगातार मौतों को गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए। कोर्ट ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल करने को कहा है।
कई जानवरों की हो चुकी है मौत
रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य में कई वन्यजीव जैसे हाथी, हाथी के बच्चे, भालू, तेंदुआ और लोमड़ी करंट की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। कई मामलों में जंगली जानवर खुले बिजली तारों के संपर्क में आने से घायल भी हुए हैं।
अवैध कब्जों पर भी मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने इस मुद्दे के साथ-साथ जंगलों में बढ़ रहे अवैध कब्जों पर भी चिंता जताई है और इस पर भी राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
अगली सुनवाई तय
कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 5 मई 2026 को तय की है। तब तक संबंधित विभागों को अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी।
यह एक गंभीर मामला है, जिसमें वन्यजीव संरक्षण और प्रशासनिक जिम्मेदारी दोनों सवालों के घेरे में हैं।