अमेरिका-ईरान के बीच हुआ संघर्षविराम खतरे में पड़ गया है, जब हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इजराइल पर रॉकेट दागे। लेबनान में बढ़ती हिंसा से मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध ने एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। अमेरिका और ईरान के बीच हुआ संघर्षविराम अब टूटने की कगार पर है। इसी बीच हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इजराइल पर रॉकेट हमला कर स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
गुरुवार को हिज़्बुल्लाह ने दावा किया कि उसने उत्तरी इजराइल के कई इलाकों पर रॉकेट दागे। संगठन का कहना है कि यह हमला इजराइल द्वारा लेबनान में किए जा रहे लगातार हमलों के जवाब में किया गया है, जो संघर्षविराम का उल्लंघन है।
संघर्षविराम पर सवाल
अमेरिका और ईरान के बीच हुआ यह संघर्षविराम क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए किया गया था। लेकिन जल्द ही यह विवाद सामने आ गया कि क्या इस समझौते में लेबनान भी शामिल है या नहीं।
इजराइल का कहना है कि उसका सैन्य अभियान लेबनान में जारी रहेगा, जबकि ईरान और उसके सहयोगी इसे संघर्षविराम का उल्लंघन मान रहे हैं। संघर्षविराम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद इजराइल ने लेबनान के कई हिस्सों, खासकर बेरूत में हवाई हमले किए।
हिज़्बुल्लाह का पलटवार
संघर्षविराम के बाद हिज़्बुल्लाह ने कुछ समय के लिए अपने हमले रोक दिए थे, लेकिन इजराइल की कार्रवाई जारी रहने के बाद उसने फिर से रॉकेट हमले शुरू कर दिए। इससे क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
क्षेत्रीय संकट गहराया
यह संघर्ष अब एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेता जा रहा है, जिसमें ईरान, इजराइल और हिज़्बुल्लाह जैसे संगठन शामिल हैं। मार्च 2026 से लेबनान और इजराइल के बीच झड़पें तेज हो गई हैं, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
दुनिया भर के नेता शांति की अपील कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। आम नागरिक इस युद्ध का सबसे ज्यादा खामियाजा भुगत रहे हैं।
आगे क्या?
अगर जल्द ही स्पष्ट समझौता नहीं हुआ, तो यह संघर्ष बड़े युद्ध में बदल सकता है। अमेरिका-ईरान संघर्षविराम अब पूरी तरह टूटने के कगार पर है।
यह एक विकसित होती खबर है, आगे और अपडेट्स का इंतजार है।