रायपुर के तूता धरना स्थल पर किसानों ने धान बोनस, बकाया भुगतान और समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने 27 अक्टूबर 2026 को महानदी भवन के घेराव का भी ऐलान किया है।
रायपुर: राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर मंगलवार को किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। धान बोनस, समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, बकाया भुगतान और सिंचाई परियोजनाओं से जुड़ी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसान जुटे। इस दौरान किसानों ने आगामी 27 अक्टूबर 2026 को ‘अन्नदाता गर्जना रैली’ के तहत नया रायपुर में महानदी भवन के घेराव का बड़ा ऐलान किया है। इस आंदोलन का नारा ‘रायपुर चलो, कृषिमित् कृषस्व यानी खेती ही करो’ तय किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने वर्ष 2022-23 की धान खरीदी का बकाया 1700 करोड़ रुपए तत्काल जारी करने की पुरजोर मांग उठाई। इसके साथ ही, पिछले तीन वर्षों की 258 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य वृद्धि का लाभ जोड़ते हुए 3358 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने की मांग रखी गई है।
किसानों की 10 प्रमुख मांगें
- गौवंदन योजना: जी-राम-जी योजना को गौ संरक्षण और संवर्धन से जोड़ा जाए।
- बकाया भुगतान: वर्ष 2022-23 का 1700 करोड़ रुपए का बकाया तत्काल दिया जाए।
- धान खरीदी दर: 3358 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाए और फल-सब्जी उत्पादकों को कृषक उन्नति योजना का लाभ मिले।
- खरीदी अवधि: धान खरीदी 15 नवंबर से 15 फरवरी तक हो और प्रति तौल अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम का आदेश जारी हो।
- फसल नुकसान मुआवजा: बाढ़ प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर उचित क्षतिपूर्ति दी जाए।
- टोकन व्यवस्था: बड़े किसानों को 5, लघु को 3 और सीमांत किसानों को 2 टोकन मिलें।
- सिंचाई परियोजनाएं: अरपा-भैसाझार और पैरी हाईडैम जैसी परियोजनाओं का काम तेज हो।
- खाद की कालाबाजारी पर रोक: तय कीमत से ज्यादा पर खाद बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।
- भूमि अधिग्रहण: उदयपुर डिक्लेरेशन के नियमों के तहत भूमि अधिग्रहण किया जाए।
- अन्य फसलें: मक्का और गेहूं की खरीदी भी समर्थन मूल्य पर की जाए।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो यह आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा। धमतरी में कल यानी 28 अक्टूबर को भी प्रदर्शन करने की तैयारी है, जिसके बाद अन्य जिलों में भी चरणबद्ध आंदोलन किए जाएंगे।